Maha Shivratri 2026: कब है महाशिवरात्रि? नोट कर लें तारीख, चार प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त और महादेव को प्रसन्न करने के खास उपाय

Maha Shivratri 2026: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है. ऐसे में चलिए हम आपको महाशिवरात्रि की तिथि, चार प्रहार की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महादेव को प्रसन्न करने के कुछ उपाय के बारे में बताते हैं.

Maha Shivratri 2026: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है. ऐसे में चलिए हम आपको महाशिवरात्रि की तिथि, चार प्रहार की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महादेव को प्रसन्न करने के कुछ उपाय के बारे में बताते हैं.

author-image
Akansha Thakur
New Update
Maha Shivratri 2026

Maha Shivratri 2026

Maha Shivratri 2026: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि एक बहुत बड़ा त्योहार है जिसे फाल्गुन माह में मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार, हर साल यह त्योहार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन भगवान शिव प्राकट्य हुआ था. इसके अलावा यह भी माना जाता है कि इसी दिन शिव जी की माता पार्वती के साथ विवाह  हुआ था. इस दिन महादेव की उपासना से व्यक्ति के सार कष्ट दूर हो जाते हैं. शिवरात्रि के दिन व्रत करना, मंत्र जप करना और रात में जागरण करने का विशेष महत्व होता है. लेकिन कई लोगों के मन में कंफ्यूजन है कि इस साल महाशिवरात्रि कब है. चलिए हम आपको इस आर्टिकल में इसकी तारीख, चार प्रहार की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महादेव को प्रसन्न करने के कुछ खास उपाय के बारे में विस्तार से बताते हैं. 

Advertisment

महाशिवरात्रि 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त 

द्रिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन तिथि का समापन 16 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट पर होगा. ऐसे में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाया जाएगा. वहीं पारण के समय की बात करें तो 16 फरवरी को सुबह 06 बजकर 33 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. 

महाशिवरात्रि पर चार प्रहर का पूजन मुहूर्त 

महाशिवरात्रि पर सबसे पहला प्रहर पूजन का समय 15 फरवरी को शाम 06 बजकर 11 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, इसके बाद दूसरे प्रहर की पूजा का समय 15 फरवरी की रात 09 बजकर 23 मिनट से लेकर 16 फरवरी की रात 12 बजतर 35 मिनट तक रहेगा. वहीं तीसरे प्रहर की पूजा का समय 16 फरवरी की रात 12 बजकर 35 मिनट से लेकर सुबह 03 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. अंत में चौथा प्रहर की पूजा का समय 16 फरवरी को सुबह 03 बजकर 47 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. 

महाशिवरात्रि 2026 पूजन विधि 

अगर आप महाशिवरात्रि का व्रत कर रहे हैं तो इस दिन रुद्राभिषेक के बाद हवन करने का विधान है. शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें और जल में केसर मिला कर जल अर्पित करें. पूरी रात दीप जलाकर रखें औऱ चंदन का तिलक लगाएं. भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, मिठाई, धतूरा आदि चीजे अर्पित करें. साथ ही ऊं नम: शिवाय और ऊं नमों भगवते रुद्राय मंत्रों का जप करें. शिव पुराण का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है. 

महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय 

देसी घी का दीपक जलाएं 

महाशिवरात्रि की रात शिव मंदिर जाकर विधि-विधान के साथ शिव भगवान की पूजा करें और शिवलिंग के पास देसी घी से दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं. 

शिवलिंग का करें अभिषेक

इसके अलावा अगर आपके घर में शिवलिंग नहीं है तो इस दिन एक छोटा सा शिवलिंग लाकर उसका विधि-विधान से अभिषेक कर स्थापित करें. ऐसा करने से घर से नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जाती है. 

यह भी पढ़ें: Amalaki Ekadashi 2026: कब है आमलकी एकादशी? नोट कर लें सही तारीख, पारण का समय और पूजन विधि

Maha Shivratri Maha Shivratri 2026
Advertisment