इकलौता महालक्ष्मी मंदिर, जहां प्रसाद में दिए जाते हैं असली सोने-चांदी के जेवर और नोटों की गड्डियां, बेहद अनोखा है रहस्य

मध्य प्रदेश के इस महालक्ष्मी मंदिर में हर साल फूलों से नहीं बल्कि करोड़ों की नकदी और सोने-चांदी से सजाया जाता है. इस मंदिर में कई राज्यों से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं. यहां श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में नोट और सोना-चांदी दिया जाता है.

मध्य प्रदेश के इस महालक्ष्मी मंदिर में हर साल फूलों से नहीं बल्कि करोड़ों की नकदी और सोने-चांदी से सजाया जाता है. इस मंदिर में कई राज्यों से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं. यहां श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में नोट और सोना-चांदी दिया जाता है.

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Akansha Thakur
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Ratlam Laxmi Mandir

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Ratlam Laxmi Mandir: सनातन धर्म में मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है. मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है और शास्त्रों में उनकी महिमा का विशेष वर्णन किया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाए तो व्यक्ति के जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है. वैसे तो आप सभी जानते हैं कि देशभर में मां लक्ष्मी को समर्पित कई मंदिर है जो अपनी अनोखी मान्यताओं के कारण काफी मशहूर है. लेकिन मध्य प्रदेश में महालक्ष्मी का इकलौता मंदिर है जहां भक्तों को प्रसाद के तौर पर सोने-चांदी के आभूषण और नोट की गड्डियां दी जाती है. इस मंदिर में यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी विशेषता और मान्यताओं के बारे में. 

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महालक्ष्मी को अर्पित किए जाते हैं सोने-चांदी 

मध्य प्रदेश के इंदौर के रतलाम जिले में स्थित महालक्ष्मी मंदिर में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मां लक्ष्मी को सोने-चांदी और हीरे के आभूषण और धन अर्पित करते हैं. दीवाली के शुभ अवसर पर इस मंदिर में खास रौनक देखने को मिलती है. इस दौरान अधिक संख्या में श्रद्धालु मां लक्ष्मी के दर्शन का लाभ उठाने के लिए यहां आते हैं. श्रद्धालु मंदिर की सजावट और श्रृंगार के लिए धन भी देते हैं. 

भव्य सजावट और 100 करोड़ के आभूषण 

इस महासलक्ष्मी मंदिर में दीपावली के समय भव्य सजावट की जाती है. मान्यता है कि इस मंदिर में चढ़ाए गए आभूषणों की कीमत 100 करोड़ से अधिक है. आपको सुनकर हैरानी होगी कि यह सारा धन और आभूषण मंदिर को दान नहीं किया जाता, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए स्थायी रूप से सजावट के लिए अर्पित किया जाता है. दीवाली के बाद यह आभूषण भक्तों को लौटा दिए जाते हैं. 

प्रसाद में मिलते हैं सोने-चांदी के आभूषण 

मान्यता है कि दीवाली के बाद इस मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में सोने-चांदी के आभूषण और नोटों की गड्डियां दी जाती है. इसे भक्त शुभ संकेत मानते हैं और इसे कभी खर्च नहीं करते बल्कि अपनी तिजोरी में संभाल कर रखते हैं. मान्यता है कि इस प्रसाद को रखने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. 

दर्शन करने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं 

इंदौर में आए भक्त इस मंदिर के बारे में बताते हैं कि मंदिर की महिमा का जितना गुणगान करें उतना कम है. यहां पर प्रसाद के रूप में जो धनराशि चढ़ाई जाती है वह वापस मिलती है. यहां आने से भक्तों को धन की प्राप्ति होती है. साथ ही सबकी मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती है. 

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