Janaki Jayanti 2026 Upay: जानकी जयंती पर इन खास उपाय से दूर करें आर्थिक और वैवाहिक समस्याएं

Janaki Jayanti 2026: हिन्दू धर्म में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को बेहद खास माना जाता है. इस तिथि को माता सीता का जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है. सीता जयंती के दिन प्रभु सीताराम की पूजा करने से घर में सुख-शांति-समृद्धि आती है.

Janaki Jayanti 2026: हिन्दू धर्म में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को बेहद खास माना जाता है. इस तिथि को माता सीता का जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है. सीता जयंती के दिन प्रभु सीताराम की पूजा करने से घर में सुख-शांति-समृद्धि आती है.

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Akansha Thakur
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Janaki Jayanti 2026

Janaki Jayanti 2026: आज जानकी जयंती का पवित्र पर्व मनाया जा रहा है. यह पर्व हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है. मान्यता है कि इसी दिन आदिशक्ति माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं. मिथिला क्षेत्र में यह दिन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख-शांति आती है. दांपत्य जीवन मजबूत होता है. घर में धन और समृद्धि बढ़ती है. बाधाएं दूर होती हैं.

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जानकी जयंती 2026 पूजा मुहूर्त

इस वर्ष जानकी जयंती 9 फरवरी को मनाई जा रही है. पूजा के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं जिसमें ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इन समयों में पूजा करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है.

जानकी जयंती पूजा विधि

आज के दिन व्रत रखकर श्री सीताराम की पूजा करना शुभ माना जाता है. साथ ही उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी रखना चाहिए. उस पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं. गणेश जी और श्रीराम-सीता की मूर्ति स्थापित करें. गंगाजल से अभिषेक करें. रोली से तिलक करें. इसके बाद फल और दूध से बनी चीजों का भोग लगाएं. श्रद्धा के साथ आरती करें. इसके बाद रामायण, सुंदरकांड या सीता चालीसा का पाठ करें. सामर्थ्य अनुसार ब्राह्मण और जरूरतमंदों को दान दें.

विवाह में आ रही बाधा के लिए उपाय

अगर विवाह में बार-बार अड़चन आ रही है, बात बनकर टूट जाती है या कुंडली के कारण देरी हो रही है, तो जानकी जयंती का दिन बहुत लाभकारी माना गया है. इस दिन श्रीराम के साथ माता सीता की पूजा करें. माता को लाल चुनरी और सुहाग की वस्तुएं अर्पित करें. सुंदरकांड का पाठ करें. पाठ के दौरान इस चौपाई का संपुट लगाएं. 

सुनु सिय सत्य असीस हमारी,
पूजिहि मन कामना तुम्हारी।
नारद वचन सदा सुचि साचा,
सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा॥

मान्यता है कि ऐसा करने से विवाह की बाधाएं दूर होती हैं और शीघ्र मनचाहा जीवनसाथी मिलता है.

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