Holika Dahan 2026: होलिका की अग्नि के कितने फेरे लगाना होता है शुभ? शास्त्रों में जानें सही संख्या और महत्व

Holika Dahan 2026: होलिका दहन का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग विधि-विधान से अग्नि जलाकर उसकी परिक्रमा करते हैं. लेकिन होलिका की अग्नि के कितने फेरे शुभ माने गए हैं? आइए जानते हैं.

Holika Dahan 2026: होलिका दहन का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग विधि-विधान से अग्नि जलाकर उसकी परिक्रमा करते हैं. लेकिन होलिका की अग्नि के कितने फेरे शुभ माने गए हैं? आइए जानते हैं.

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Akansha Thakur
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Holika Dahan 2026

Holika Dahan Puja Significance: हिंदू धर्म में होली केवल रंगों का पर्व नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश भी देता है. रंगों से पहले आने वाली रात को होलिका दहन किया जाता है, जिसे नकारात्मकता को समाप्त करने का प्रतीक माना जाता है. साल 2026 में चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन 2 मार्च 2026 की शाम 5 बजकर 55 मिनट पर किया जाएगा. होलिका पूजन के समय लोगों के मन में एक आम सवाल रहता है अग्नि के कितने फेरे लगाना शुभ होता है? शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं में इसके अलग-अलग उत्तर मिलते हैं.

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होलिका की अग्नि के कितने फेरे शुभ माने गए हैं?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, होलिका दहन के समय 1, 3 या 7 परिक्रमा की जाती है. हर संख्या का अपना आध्यात्मिक अर्थ होता है.

1 फेरा का अर्थ

एक फेरा संकल्प का प्रतीक है. इसका मतलब होता है बुरे विचारों और आदतों को छोड़कर नई सकारात्मक शुरुआत करना.

3 फेरे का महत्व

तीन फेरे त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) और सत्व, रज, तम गुणों से जुड़े माने जाते हैं. अधिकतर श्रद्धालु 3 परिक्रमा करते हैं. इसे संतुलन और शुभता का संकेत माना जाता है.

7 फेरे क्यों माने जाते हैं विशेष?

सात फेरे सात जन्म, सात लोक और जीवन के सात संकल्पों से जुड़े होते हैं. जो लोग विशेष मनोकामना के साथ पूजा करते हैं, वे 7 फेरे लगाते हैं. इसे सबसे अधिक फलदायी माना गया है.

होलिका परिक्रमा की सही विधि

होलिका दहन से पहले कच्चा सूत, नारियल, गेहूं की बालियां, गुड़ और चना अर्पित करें. अग्नि प्रज्वलित होने के बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें. परिक्रमा हमेशा दाईं दिशा से करें. घूमते समय परिवार की सुख-शांति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की कामना करें. अंत में होलिका की राख को तिलक के रूप में लगाना शुभ माना जाता है.

परिक्रमा का आध्यात्मिक महत्व

ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में अग्नि को शुद्धि का प्रतीक माना गया है. ऐसी मान्यता है कि होलिका की अग्नि की परिक्रमा करने से मन और शरीर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है. इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि आती है.

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