Holi Bhai Dooj Katha: होली भाई दूज के दिन जरूर करें इस कथा का पाठ, यमराज और यमुना से जुड़ी है पौराणिक कथा

Holi Bhai Dooj Katha: होली भाई दूज के दिन बहनों को भाइयों के सुखद और स्वस्थ जीवन के लिए व्रत रखना चाहिए. पूजा के दौरान भाई दूज पर कथा का पाठ जरूर करना चाहिए. तो चलिए पढ़ते हैं होली भाई दूज की कथा.

Holi Bhai Dooj Katha: होली भाई दूज के दिन बहनों को भाइयों के सुखद और स्वस्थ जीवन के लिए व्रत रखना चाहिए. पूजा के दौरान भाई दूज पर कथा का पाठ जरूर करना चाहिए. तो चलिए पढ़ते हैं होली भाई दूज की कथा.

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Akansha Thakur
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Holi Bhai Dooj Katha

Holi Bhai Dooj Katha (AI Image)

Holi Bhai Dooj Katha: आज यानी 05 मार्च 2026, गुरुवार को होली भाई दूज का त्योहार मनाया जा रहा है. ये त्योहार बहुत खास है. ये त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते और प्रेम का प्रतीक माना जाता है. हर साल ये त्योहार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीय तिथि को मनाया जाता है. शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन भाई को तिलक लगाने से उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति मिलती है. इस दिन बहन अपने भाई को घर बुलाकर तिलक लगाती है और उनकी आरती उतारती है. इसके अलावा अपने भाई को प्रेम से भोजन कराती है. 

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भाई भी अपनी बहन को तोहफा और रक्षा करने का वचन देते हैं. मान्यता है कि इस दिन गणेश जी और यम देव की पूजा जरूर करनी चाहिए. साथ ही बहनों को भाइयों के स्वस्थ जीवन के लिए व्रत रखना चाहिए. पूजा के दौरान भाई दूज कथा का पाठ जरूर सुनना या पढ़ना चाहिए. होली भाई दूज का त्योहार यमराज और यमुना माता से जुड़ा हुआ है तो आइए पढ़ते हैं कथा. 

होली भाई दूज की पौराणिक कथा 

पौराणिक कथा के अनुसार, यमराज और यमुना माता भाई-बहन हैं. ये दोनों भगवान सूर्य के पुत्र हैं. काफी समय बीतने के बाद एक दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने मथुरा के विश्राम घाट पर पहुंचे. अपने भाई को सामने देखकर यमुना माता बेहद प्रसन्न हुईं. उन्होंने उनका अच्छे से स्वागत किया. उनके तिलक लगाया और स्वादिष्ट भोजन खिलाएं. बहने के प्रेम को देखकर यमराज काफी प्रसन्न हुए. 

यमुना माता ने यमराज से मांगा ये वरदान 

इसके बाद यमराज ने प्रसन्न होकर यमुना माता से वरदान मांगने को कहा. इस पर यमुना जी ने यमराज से कहा कि आप मुझे ये वरदान दीजिए कि जो भी भाई-बहन होली भाई दूज के दिन प्रेम से मिलें, बहन के घर भोजन करें और मेरे जल में स्नान करें, उन्हें अकाल मृत्यु का भय न सताए. यमराज ने बहन का ये वरदान मान लिया. तभी से होली भाई दूज का यह पावन त्योहार मनाया जाने लगा. मान्यता है कि आज भी इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना माता से मिलने आया करते हैं. 

होली भाई दूज का महत्व

होला भाई दूज चैत्र कृष्ण द्वितीया पर मनाया जाता है. यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम, सुरक्षा और अमर रिश्ते का प्रतीक है. होली के ठीक बाद मनाए जाने वाले इस पर्व पर, बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देते हैं. मान्यतानुसार, इस दिन यमुना ने यमराज को घर बुलाकर टीका किया था, जिससे भाई को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता. 

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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