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Maa Brahmacharini: मां ब्रह्मचारिणी ने क्यों की थी भगवान शिव के लिए तपस्या, जानें ये पौराणिक कथा 

Maa Brahmacharini mythological story: माता ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है. मां ब्रह्मचारिणी और भगवान शिव से जुड़ी प्रचलित पौराणिक कथा क्या है आइए जानते हैं.

Updated on: 16 Oct 2023, 01:13 PM

नई दिल्ली :

Maa Brahmacharini mythological story: दुर्गा माता के नवरात्रे चल रहे हैं. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि माता की पूजा करने वाले मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है. ये अपने लक्ष्यों को लेकर फोकस होते हैं और हर कठिन कार्य को करने से कभी नहीं घबराते. मां ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से उनके भक्त सर्वत्र सिद्धि और विजय पाते हैं. माता के इस रूप के पीछे की पौराणिक कहानी बेहद प्रचलित है. 

मां ब्रह्मचारिणी की पौराणिक कथा 

युगों-युगों पूर्व की इस पौराणिक कथा के अनुसार राजा हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मी मां ब्रह्मचारिणी नें नारद जी ने उपदेश के बाद भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए इतनी घोर तपस्या की कि देवलोक में सभी उन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी कहने लगे. कथानुसार मां ब्रह्मचारिणी ने एक हज़ार वर्ष तक शिव भगवान को पति स्वरूप पाने के लिए कठोर तप किए. फल खाकर एक हज़ार वर्ष बिताया, फिर कहते हैं कि सौ वर्षों तक उन्होंने जमीन पर रहकर शाक पर निर्वाह किया और कुछ दिनों तक तो इतनी कठोर तपस्या की कि उन्होंने खुले आकाश के नीचे धूप, बारिश और ठंड हर मौसम में घोर कष्ट सहकर भी तप किया और वो डटी रहीं.

कथानुसार तीन हज़ार वर्षों तक मां ब्रह्मचारिणी ने टूटे हुए बिल्व पत्र खाकर भगवान शिव की पूजा की लेकिन कुछ समय बाद उन्होने ये सूखे बिल्व के पत्ते खाने भी छोड़ दिए. इसके बाद कई हज़ार वर्षों तक निर्जल और निराहार रहकर उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए तप किया. कहते हैं इस कठोर तपस्या से उनका शरीर एकदम दुर्बल और कमजोर हो गया था. देवलोक से लेकर ऋषिगण, समस्त देवी-देवता, सिद्धगण और मुनियों ने उनकी तपस्या की खूब सराहना की. मां ब्रह्मचारिणी के तप को उन्होंने अभूतपूर्व बताया और आशीर्वाद दिया कि उनकी ये मनोकामना परिपूर्ण होगी और शिव को वो आवश्य ही पति रूप में पाएंगी. 

इस कथा के अनुसार अगर कुछ ठान लिया जाए और उसके लिए बिना डगमगाए लगातार प्रयास किए जाएं तो ऐसा कुछ नहीं है जिसे हासिल नहीं किया जा सकता. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)