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Vastu Dosh Ke Upay : गाय के इस अंग को छूकर आशीर्वाद लेने से दूर होता है वास्तु दोष, आर्थिक स्थिति होती है मजबूत 

गाय पर सभी नक्षत्र का प्रभाव पड़ता है. गाय की रीढ़ की हड्डी में सूर्य केतु नाड़ी होती है, जो सूर्य की किरणों से रक्त में स्वर्ण अक्षर बनाती है. गाय के किस अंगों को स्पर्श करना शास्त्र में अत्यंत शुभ माना गया है.

Updated on: 15 Jun 2024, 08:38 AM

नई दिल्ली:

Vastu Dosh Ke Upay : धर्म ग्रंथों के अनुसार, गाय की पूजा करने से सभी देवी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है. गाय के रीढ़ की हड्डी में सूर्य केतु नाड़ी होती है, जो सूर्य की किरणों से रक्त में स्वर्ण अक्षर बनाती है. गाय का दूध अमृत के समान होता है. गाय की सेवा करने से वास्तुदोष समाप्त होते हैं और घर की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है. नवग्रहों की शांति और पितर दोष दूर करने के लिए गाय को रोटी, गुड़ और चारा खिलाना शुभ माना गया है. जिस भी घर में गाय होती है उस घर के सभी वास्तुदोष भी समाप्त हो जाते हैं. धर्म ग्रंथों के अनुसार गाय में सभी देवी देवताओं का निवास है. अतः गाय की पूजा करने से समस्त देवी देवताओं की पूजा का फल प्राप्त होता है. 

पाप मुक्ति के उपाय 

सनातन हिंदू धर्म में गाय, गंगा और गायत्री का धार्मिक महत्त्व सबसे अधिक है. शास्त्र के अनुसार गाय के शरीर में 33 करोड़ देवी देवताओं का निवास है और जो भी जातक नित्य गाय की पूजा करता है उस पर सभी देवी देवताओं की कृपा बरसती है. जो भी गाय की सेवा करता है उन्हें माता के समान मानता है. गौ माता उस पर आने वाले सभी संकट सभी विपदा को हर लेती है, गौ माता कामधेनु है, समस्त प्रकार के कष्ट हरने वाली है और जातक की हर मनोकामना को पूर्ण करने वाली है. कहा जाता है कि सूर्यास्त के पश्चात जब गाय वन से घर पर लौटती है तो उसके खुरों से जो धूल उड़ती है उससे मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं. 

गरीबी दूर करने का उपाय

अगर बच्चे कहना नहीं मानते हैं, कहने से बाहर है, उनका स्वभाव क्रोधी है और बात बात पर गुस्सा हो जाते हैं तो किसी दिन द्वार पर आई गोमाता को उनके हाथ से लगा हुआ भोजन खिलाया. गौ माता की पीठ पर एक उबरा हुआ कुबड़ होता है. उस कुबड़ में सूर्य केतु नाड़ी होती है. रोजाना सुबह गो माता की इस कुबड़ पर हाथ फेरने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. उसके सभी आर्थिक संकट भी दूर हो जाते हैं और गरीबी का नाश होता है. इसके साथ ही उसकी सभी रोगों का भी नाश हो जाता है. द्वार पर आई गौमाता की पीठ पर एक बार अवश्य हाथ फेराएं.

वास्तु दोष दूर करने का उपाय 

घर बनवाने से पहले अगर उस जमीन पर गौ माता और उसके बछड़े को बांधते हैं तो इससे सभी वास्तुदोष भी दूर हो जाते हैं. जीस स्थान पर गौमाता बैठकर आराम करती है. वहां पर कभी कोई बाधा है और बुरी शक्तियां नहीं आती है. ध्यान रहे घर में बनी सबसे पहले रोटी गौ माता के लिए बनाएं और गौ मात को अवश्य खिलाएं. इससे परिवार में सुख शांति बनी रहती है और क्लेश दूर हो जाता है.

गौ माता की पंचगव्य हज़ारों रोगों की दवा है. इसका सेवन करने से आसाध्य रोग मिट जाते हैं. परिवार में गौ से प्राप्त पंचगव्य युक्त पदार्थों का उपयोग करें. पंचगव्य के बिना पूजा पाठ हवन में सफलता नहीं मिलती है.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)