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Gayatri Jayanti 2024: आज गायत्री जयंती की रात सोने से पहले करें इस मंत्र का जाप, हर मनोकामना होगी पूरी 

ayatri Jayanti 2024: हिंदू धर्म शास्त्रों में हर दिन का खास महत्व होता है. आज गायत्री जयंती है. आज रात को सोने से पहले अगर आप इस विशेष मंत्र का जाप करते हैं तो माना जाता है कि आप जिस भी मनोकामना के साथ ये जाप करते हैं वो जरूर पूरी होती है.

Updated on: 17 Jun 2024, 12:05 PM

नई दिल्ली:

Gayatri Jayanti 2024: गायत्री जयंती, जिसे वेद माता जयंती के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है. यह हर साल ज्येष्ठ मास की शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाता है. इस साल, गायत्री जयंती 17 जून 2024 को मनाई जा रही है. गायत्री मंत्र को वेदों का सार माना जाता है. यह 24 शब्दों का मंत्र है जो देवी गायत्री की स्तुति करता है. गायत्री मंत्र को ज्ञान, शक्ति और आत्मज्ञान का प्रतीक माना जाता है. गायत्री जयंती के दिन, लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और स्वच्छ वस्त्र पहनते हैं. इसके बाद, वे अपने घरों में या गायत्री मंदिरों में गायत्री मंत्र का जाप करते हैं. कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं. 

गायत्री मंत्र का जाप कैसे करें ?

सबसे पहले, शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठ जाएं. दीप प्रज्वलित करें और धूप जलाएं. गंगाजल से हाथ धो लें और आसन पर बैठकर अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. अब आप अपनी आंखें बंद करें और गहरी सांस लें, अब धीमी गति से और स्पष्ट उच्चारण के साथ गायत्री मंत्र का जाप करें. 

गायत्री मंत्र: गायत्री मंत्र, वेदों का सार माना जाता है, जो देवी गायत्री की स्तुति करता है. यह मंत्र ज्ञान, शक्ति, और आत्मज्ञान का प्रतीक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रात को सोने से पहले गायत्री मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. 

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

अर्थ

ॐ - यह ब्रह्मांड का प्रतीक है.

भूर्भुवः स्वः - यह पृथ्वी, अंतरिक्ष और स्वर्ग के तीनों लोकों का प्रतीक है.

तत्सवितुर्वरेण्यं - यह सूर्यदेव का प्रतीक है.

भर्गः - यह सूर्यदेव की किरणों का प्रतीक है.

देवस्य - यह देवता का प्रतीक है.

धीमहि - हम उसका ध्यान करते हैं.

धियो यो नः प्रचोदयात् - वह हमारी बुद्धि को प्रेरित करे.

गायत्री जयंती का महत्व

गायत्री जयंती के अवसर पर, कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इन कार्यक्रमों में गायत्री मंत्र का सामूहिक जाप, गायत्री उपासना, गायत्री यज्ञ, और गायत्री पर आधारित प्रवचन शामिल होते हैं. गायत्री मंत्र ज्ञान और शक्ति का प्रतीक है. इस दिन गायत्री मंत्र का जाप करने से ज्ञान और शक्ति प्राप्त होती है. इस दिन गायत्री मंत्र का जाप करने से आत्मज्ञान प्राप्त होता है. ये मंत्र पापों से मुक्ति दिलाता है और खासकर इस दिन गायत्री मंत्र का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. गायत्री जयंती ज्ञान, शक्ति और आत्मज्ञान का पर्व है. यह दिन हमें गायत्री मंत्र के महत्व को समझने और अपने जीवन में इसका उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है.

गायत्री मंत्र का जाप न केवल आध्यात्मिक विकास के लिए, बल्कि मनोकामना पूर्ण करने के लिए भी लाभदायक है. यदि आप अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करना चाहते हैं, तो रात को सोने से पहले गायत्री मंत्र का जाप अवश्य करें. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)