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Nirjala Ekadashi 2024 Upay: निर्जला एकादशी पर घर की चौखट पर बांधे ये पोटली, चुंबक की तरह खींचा चला आएगा धन

Nirjala Ekadashi 2024 Upay: देवी लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, आप ये भी चाहते हैं कि आपके घर में धन दौलत चुंबक की तरह खींची चली आए तो आप आज इस समय घर की चौखट पर किस्मत की ये पोटली जरूर बांध दें.

Updated on: 18 Jun 2024, 09:41 AM

नई दिल्ली:

Nirjala Ekadashi 2024 Upay: निर्जला एकादशी, जिसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में आती है. यह साल की सबसे बड़ी एकादशी मानी जाती है और भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष दिन माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से धन-दौलत और समृद्धि प्राप्त होती है. इन उपायों में से एक है घर की चौखट पर पोटली बांधना.

पोटली बनाने की विधि

एक लाल कपड़े का छोटा सा टुकड़ा लें. इसमें सिक्के, कुमकुम, हल्दी, अक्षत और एक लौंग रखें. पोटली को सफेद धागे से बांधें. सूर्यास्त के समय, इस पोटली को घर की मुख्य चौखट पर दाएं तरफ बांध दें. मां लक्ष्मी से धन-समृद्धि की प्रार्थना करें. ध्यान रखें कि पोटली में केवल साफ और नए सिक्के का ही उपयोग करें. पोटली बांधते समय ॐ श्री लक्ष्मी नारायणाय नमः मन्त्र का जाप करें. पोटली को बांधने और खोलने का काम महिलाएं ही करें. पोटली को एकादशी के बाद अमावस्या के दिन खोलकर उसमें रखे हुए सिक्कों को दान कर दें. कुमकुम, हल्दी, अक्षत और लौंग को घर में पूजा स्थान पर रख दें. माना जाता है इससे आपके घर में देवी लक्ष्मी (goddss laxmi upay) का वास होता है. 

शास्त्रों के जानकारों की मानें तो ये टोटका इतना इतना प्रभावशाली है कि जो भी व्यक्ति सही भाव से और विधि विधान के साथ ये उपाय करता है उसके घर में धन दौलत चुंबक की तरह चिपकी रहती है और दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की उस व्यक्ति की होती है. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आप ये उपाय आज निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2024 Upay) के दिन कर सकते हैं. इस दिन का बहुत महत्व होता है. लेकिन, किसी कारणवश आप ये उपाय अगर निर्जला एकादशी के दिन ना कर पाएं तो आप इसे किसी भी एकादशी के दिन कर सकते हैं. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)