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Shaniwar Ke Upay: शनिदेव की पाना चाहते हैं कृपा? तो बस शनिवार के दिन कर लें ये अचूक उपाय

Shaniwar Ke Upay: अगर आप शनिदेव को खुश करना चाहते हैं और उनके प्रकोप से बचना चाहते हैं तो शनिवार के दिन आपको इन उपायों को जरूर करना चाहिए.

Updated on: 18 May 2024, 08:21 AM

नई दिल्ली:

Shaniwar Ke Upay:  हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना जाता है. मान्यता है कि शनिवार के दिन शनिदेव की विधिपूर्वक पूजा करने और व्रत रखने से शनिदेव बेहद प्रसन्न होते हैं साथ ही जीवन की तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं. कहा जाता है कि शनिदेव जातकों को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं यानि की अच्छे कर्म करने वालों को शुभ फल और बुरे कर्म करने वालों को दंड देने से भी पीछे नहीं हटते और ऐसे लोगों पर शनिदेव का प्रकोप बरसता है. ऐसे अगर आप शनिदेव को खुश करना चाहते हैं और उनके प्रकोप से बचना चाहते हैं तो शनिवार के दिन आपको इन उपायों को जरूर करना चाहिए. तो चलिए जानते हैं शनिवार के दिन किए जाने वाले खास उपायों के बारे में. 

शनिवार को करें ये खास उपाय (Shaniwar Ke Upay)

1. पीपल के पेड़ की पूजा

हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत ही पूजनीय माना जाता है. मान्यता है कि शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने से शनिदेव बेहद प्रसन्न होते हैं. इस दिन आपको पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाना चाहिए और जल अर्पित करना चाहिए.

2. इन चीजों का करें दान

शनिवार के दिन कुछ चीजों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि शनिवार के दिन इन चीजों का दान करने से जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं. इस दिन आपको  काला तिल, काला छाता, सरसों का तेल, काली उड़द और जूते-चप्पल दान करना चाहिए. 

3. लोहे का दीपक जलाएं 

शनिवार के दिन लोहे के दीपक में सरसों का तेल डालकर जलाना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है क्योंकि माना जाता है कि लोहा धातु में शनि देव का वास होता है. 

4. दीपक में डालें लौंग 

अगर आप शनिवार के दिन दीपक में एक लौंग डालकर जलाएंगे तो इससे आप पर शनिदेव की कृपा जमकर बरसेगी. इसके साथ ही आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)