News Nation Logo
उत्तराखंड : बारिश के दौरान चारधाम यात्रा बड़ी चुनौती बनी, संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF तैनात आंधी-बारिश को लेकर मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया राजस्थान : 11 जिलों में आज आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट, ओला गिरने की भी आशंका बिहार : पूर्णिया में त्रिपुरा से जम्मू जा रहा पाइप लदा ट्रक पलटने से 8 मजदूरों की मौत, 8 घायल पर्यटन बढ़ाने के लिए यूपी सरकार की नई पहल, आगरा मथुरा के बीच हेली टैक्सी सेवा जल्द महाराष्ट्र के पंढरपुर-मोहोल रोड पर भीषण सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत- 3 की हालत गंभीर बारिश के कारण रोकी गई केदारनाथ धाम की यात्रा, जिला प्रशासन के सख्त निर्देश आंधी-बारिश के कारण दिल्ली एयरपोर्ट से 19 फ्लाइट्स डाइवर्ट
Banner

Shivratri 2019: सावन के शिवरात्रि में करें ये उपाय कुंवारों को मिलेगा मनचाहा साथी

इसमें व्रत रखने वालों के पाप का नाश होता है और कुंवारे लोगों को मनचाहा वर या वधु मिलती है. दांपत्य जीवन में प्रेम की प्रगाढ़ता बढ़ती है.

News Nation Bureau | Edited By : Drigraj Madheshia | Updated on: 29 Jul 2019, 02:07:51 PM
प्रतिकात्‍मक चित्र

नई दिल्‍ली:  

वैसे तो साल में कुल 12 शिवरात्रि (Shivratri)आती है जिनमें से सबसे मुख्य महाशिवारात्रि (Maha Shivratri) को माना जाता है. यह हर महीने कृष्‍ण पक्ष की चतुर्दशी को होती है. इसके अलावा जो शिवरात्रि (Shivratri)बहुत श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है वह है सावन की शिवरात्रि. इसमें व्रत रखने वालों के पाप का नाश होता है और कुंवारे लोगों को मनचाहा वर या वधु मिलती है. दांपत्य जीवन में प्रेम की प्रगाढ़ता बढ़ती है.

शिवरात्रि (Shivratri)का व्रत रखने और इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने वाले भक्‍तों को शांति, रक्षा, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है. मान्यता यह भी है कि सावन की शिवरात्रि (Shivratri)मनुष्‍य के सभी पाप को धो देती है.

यह भी पढ़ेंः भगवान शिव को चढ़ाने जा रहे बेलपत्र तो इन बातों का रखें ध्‍यान, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

इस साल महाशिवरात्रि (Shivratri)30 जुलाई को मनाई जा रही है. मान्‍यता है कि सावन के महीने में स्वयं भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी और अपने शिवगणों सहित पूरे महीने पृथ्वी पर विराजते हैं. यही वजह है कि सावन शिवरात्रि (Shivratri)(Shivratri) के दिन भगवान भोले नाथ की विशेष पूजा का विधान है.

सावन शिवरात्रि (Shivratri)की तिथि और शुभ मुहूर्त

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 30 जुलाई 2019 को दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से
चतुर्दशी तिथि समाप्त: 31 जुलाई 2018 को सुबह 11 बजकर 57 मिनट तक
निशिथ काल पूजा: 31 जुलाई 2019 को दोपहर 12 बजर 06 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक
पारण का समय: 31 जुलाई 2019 को सुबह 05 बजकर 46 मिनट से सुबह 11 बजकर 57 मिनट तक

पूजन विधि

  • शिवरात्रि (Shivratri)के दिन सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान कर स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें. इसके बाद व्रत का संकल्‍प लें.
  • अब घर के मंदिर या शिवालय जाकर शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी और गन्‍ने का रस या चीनी का मिश्रण) चढ़ाएं.
  • अब 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए शिवलिंग पर एक-एक कर बेल पत्र, फल और फूल चढ़ाएं.

यह भी पढ़ेंः 1 कुत्ता आपको बना सकता है धनवान, सावन में बस आपको करना होगा यह काम

  • मान्‍यता है कि सावन शिवरात्रि (Shivratri)पर भोलेनाथ को तिल चढ़ाने से पापों का नाश होता है.
  • मनचाहा वर पाने के लिए चने की दाल का भोग लगाने का विधान है.
  • घर में सुख-शांति के लिए धतूरे के पुष्‍प या फल का भोग लगाया जाता है.
  • शत्रुओं पर विजय पाने या कोर्ट केस जीतने के लिए शिवलिंग पर भांग भी चढ़ाई जाती है.

First Published : 29 Jul 2019, 02:07:51 PM

For all the Latest Religion News, Dharm News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.