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Gurudwara Patna Sahib: पीएम मोदी ने गुरुद्वारा पटना साहिब में बांटा लंगर, जानें इसका पौराणिक इतिहास 

Gurudwara Patna Sahib: बिहार के पटना में गुरुद्वारा पटना साहिब में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा की. इस गुरुद्वारे का इतिहास और विशेषताएं क्या हैं आइए जानते हैं.

Updated on: 13 May 2024, 11:57 AM

New Delhi :

Gurudwara Patna Sahib: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के पटना  साहिब गुरुद्वारा ने लोगों को लंगर बांटा. इस गुरुद्वारे को तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के नाम से भी जाना जाता है, जो सिख धर्म के पांच पवित्र तख्तों में से एक है. यह गुरुद्वारा बिहार राज्य की राजधानी पटना में स्थित है. यह गुरुद्वारा सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है. गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 को पटना में हुआ था. उनके पिता, गुरु तेग बहादुर जी, को मुगल सम्राट औरंगजेब ने दिल्ली में शहीद कर दिया था. गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म उस समय हुआ जब उनकी माता, माता गुजरी जी, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के शोक में थीं. गुरु गोबिंद सिंह जी का बचपन पटना में बीता. उन्हें शिक्षा और धार्मिक शिक्षा उनके पिता और माता से मिली. उन्हें धनुष-बाण चलाने, घुड़सवारी करने और तलवारबाजी करने का प्रशिक्षण भी दिया गया था. 

कब हुआ था पटना साहिब गुरुद्वारे का निर्माण

1670 में, गुरु गोबिंद सिंह जी और उनकी मां पटना से प्रयागराज चले गए. वहां उन्होंने कई वर्षों तक धार्मिक अध्ययन और ध्यान किया. 1700 में, गुरु गोबिंद सिंह जी पटना लौटे और उन्होंने तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की स्थापना की. यह गुरुद्वारा उनके जन्मस्थान के स्थान पर बनाया गया था. यह गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन और शिक्षाओं से जुड़ा हुआ है. यह गुरुद्वारा हर साल लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है.

प्रधानमंत्री ने बांटा लंगर

गुरुद्वारे की विशेषताएं

गुरुद्वारा मुख्य परिसर का केंद्र है. यह एक विशाल भवन है जिसमें एक दरबार साहिब है, जहां गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतिष्ठापित है. यह मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म हुआ था. गुरुद्वारा परिसर में एक पवित्र तालाब है. माना जाता है कि इस तालाब में स्नान करने से पापों का नाश होता है. गुरुद्वारा परिसर में एक संग्रहालय है जिसमें सिख इतिहास और संस्कृति से संबंधित कलाकृतियां और प्रदर्शनी हैं.पटना साहिब गुरुद्वारे में साल भर कई त्यौहार आयोजित किए जाते हैं. गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मदिन, जो हर साल 22 दिसंबर को मनाया जाता है. बाबा गुरु नानक जी का प्रकाश पर्व, जो हर साल 19 नवंबर को मनाया जाता है और होला महोल्ला, यह सिखों का एक त्यौहार है, जो हर साल रंगों के त्योहार होली के बाद मनाया जाता है. 

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गुरुद्वारा पटना साहिब  कैसे पहुंचें? 

पटना साहिब गुरुद्वारा हवाई, रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. गुरुद्वारा पटना साहिब को पहुंचने के कई तरीके हैं-

हवाई मार्ग पटना में लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जहां से आप आकर्षक बस सेवाएं, टैक्सी या ऑटोरिक्शा की सुविधा उपलब्ध है.

रेल मार्ग पटना रेलवे स्टेशन पटना साहिब गुरुद्वारा के लगभग 10-12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. रेलवे स्टेशन से आप टैक्सी, ऑटोरिक्शा या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

सड़क मार्ग पटना साहिब गुरुद्वारा शहर के मध्य में स्थित है. अगर आप अपने खुद के वाहन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप नक्शे का सहारा लेकर या जीपीएस का इस्तेमाल करके गुरुद्वारा पहुंच सकते हैं.

बस मार्ग पटना में कई बस स्टैंड हैं जिनसे आप सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करके पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंच सकते हैं. आप यातायात निगम बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

गुरुद्वारा पटना साहिब पटना शहर के दिल में स्थित है, और इसे पहुंचना काफी सरल है. यदि आप अपने स्थानीय परिवार या दोस्तों के साथ जा रहे हैं, तो वे आपको इसे पहुंचने में मदद कर सकते हैं.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)