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Ganga Dussehra: गंगा दशहरा पर पितरों को प्रसन्न करने के क्या उपाय हैं

Ganga Dussehra:

Updated on: 13 Jun 2024, 12:23 PM

नई दिल्ली:

Ganga Dussehra: गंगा दशहरा, ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. यह हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो भगवान विष्णु और गंगा नदी की पूजा के लिए समर्पित है. इस दिन, लोग पितरों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं. पितरों को प्रसन्न करने के लिए (pitro ko prasan karne ke upay) गंगा दशहरा के दिन कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं. इस साल 16 जून को गंगा दशहरा है. 

पितरों के लिए करें स्नान और दान

गंगा दशहरा के दिन  गंगा नदी में स्नान करना सबसे शुभ माना जाता है. अगर  गंगा नदी तक पहुंचना संभव नहीं है, तो आप घर पर ही गंगाजल से स्नान कर सकते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि स्नान करते समय 10 डुबकियां या फिर 10 मग पानी से जरूर नहाएं. पितरों को प्रसन्न करने के लिए इस दिन दान करने का भी बहुत महत्व है. आप गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, या धन दान कर सकते हैं. तर्पण, पितरों को जल अर्पित करने का अनुष्ठान है. यह गंगा जल, दूध, तिल, और जौ से किया जाता है.

पितरों के लिए करें पूजा

पितरों की पूजा घर पर या मंदिर में की जा सकती है. पूजा में पितरों के नाम का उच्चारण करते हुए दीप, फूल, फल, और मिठाई अर्पित की जाती है. भगवान विष्णु और गंगा नदी की पूजा भी इस दिन की जाती है. पूजा में गंगाजल, फूल, फल, और मिठाई अर्पित की जाती है. 

पितरों को प्रसन्न  करने के लिए गंगा दशहरा के दिन पशुपक्षियों को भोजन भी करवाया जाता है.पक्षियों और जानवरों को भोजन खिलाना पितरों के आशीर्वाद को पाने के समाना माना जाता है. अगर आप चाहें तो पितृ पक्ष के 16 दिनों का व्रत भी रख सकते हैं. इस दौरान, सात्विक भोजन ग्रहण करें और मांस, मदिरा, और लहसुन-प्याज का सेवन न करें. आप पितरों के नाम का जाप भी कर सकते हैं. इससे उन्हें शांति मिलेगी और वे प्रसन्न होंगे.

पितरों को प्रसन्न (pitro ko prasan karne ke upay) करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है कि आप उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करें. गंगा दशहरा पितरों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अच्छा दिन है. इस दिन, उनके लिए प्रार्थना करें और उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने का प्रयास करें. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)