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New Year 2021 Subh Sanyog : पुष्य महायोग से होगी नए साल की शुरुआत, जानें पहले दिन के शुभ योग

साल 2020 खत्म होने ही वाला है. नए साल यानी 2021 के स्‍वागत की तैयारियों में लोग जुट गए हैं. 2020 में कोरोना से परेशान रहे लोग 2021 की तरफ उम्‍मीद भरी नजरों से देख रहे हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 19 Dec 2020, 11:07:27 PM
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पुष्य महायोग से होगी नए साल की शुरुआत, जानें पहले दिन के शुभ योग (Photo Credit: File Photo)

नई दिल्ली:

साल 2020 खत्म होने ही वाला है. नए साल यानी 2021 के स्‍वागत की तैयारियों में लोग जुट गए हैं. 2020 में कोरोना से परेशान रहे लोग 2021 की तरफ उम्‍मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. ज्‍योतिषाचार्यों का कहना है कि नया साल 2021 शुभ संयोग और शुभ मुहूर्त लेकर आएगा. नए साल के पहले दिन भी बेहद शुभ संयोग बनने जा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि नए साल का पहला दिन पुष्‍य महायोग में शुरू हो रहा है, जो बहुत ही उत्‍तम माना जाता है. 

31 दिसंबर 2020 की रात मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि में 12 बजे से नया साल शुरू हो जाएगा. इस दौरान चंद्रमा मिथुन राशि में और सूर्य धनु राशि में होंगे. नए साल की शुरुआत पुष्य महायोग में हो रही है. पुष्प नक्षत्र एक शुभ तारा होता है. साथ ही नए साल की पूर्व संध्या से ही सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू हो रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग सबसे महत्‍वपूर्ण और शुभ संयोगों में से एक है. 

नए साल पर बनेंगे ये शुभ मुहूर्त

अमृत सिद्धि योग : इस योग को कार्यों की पूर्ति के लिए बेहद खास माना जाता है. 31 दिसंबर, 2020 की शाम 7:49 बजे से 1 जनवरी 2021 सूर्योदय तक अमृत सिद्धि योग रहेगा.

अमृत सिद्धि योग का महत्‍व : अपने नाम के अनुसार अमृत सिद्धि योग अमृत के समान फलदायी होता है. अमृत सिद्धि योग में अगर आप कोई जरूरी काम करते हैं तो उसमें सफलता की गारंटी बढ़ जाती है. 

गुरु पुष्य योग : 31 दिसबर की शाम 7:49 बजे से 1 जनवरी सूर्योदय तक गुरु पुष्य योग रहेगा. इस योग में भगवान सूर्य की पूजा करने से कई तरह की बीमारियों से मुक्ति मिलती है.

गुरु पुष्‍य योग का महत्‍व : पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. मान्‍यता है कि पुष्य नक्षत्र में किए गए काम सर्वथा सफल होते हैं. पुष्य नक्षत्र का स्वामी गुरु हैं. ऋग्वेद में कहा गया है कि पुष्य नक्षत्र मंगलकर्ता, वृद्धिकर्ता और सुख समृद्धि दाता है. हालांकि बुधवार और शुक्रवार को पुष्य नक्षत्र में कोई काम न करें. रवि तथा गुरु पुष्य का योग सर्वार्थ सिद्धिकारक माना गया है.

सर्वार्थ सिद्धि योग : 2021 की पूर्व संध्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. 31 दिसंबर को सूर्योदय से 1 जनवरी सूर्योदय तक यह शुभ योग रहेगा.

सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्‍व : सर्वार्थ सिद्धि योग का ज्योतिष शास्त्र में बहुत मान्‍यता है. यह योग मनचाहा वरदान और तरक्की दिलाता है. जानकारों का कहना है कि सर्वार्थ सिद्धि योग में किया गया कोई भी कार्य फलकारी और पूर्ण रूप से सफल होता है.

First Published : 19 Dec 2020, 11:07:27 PM

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