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Mysterious Temples in India : भारत के तीन ऐसे मंदिर जो आपने कभी नहीं देखे होंगे

Mysterious Temples in India: अगर आप भारत के अद्भुत और चमत्कारी मंदिरों में घूमने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको एक बाद इन मंदिरों के रहस्यों के बारे में जरूर जानना चाहिए. आजकर वैज्ञानिक भी इन रहस्यों का पता नहीं लगा पाए हैं.

Updated on: 19 Jun 2024, 01:29 PM

नई दिल्ली:

Mysterious Temples in India : भारत को मंदिरों का देश कहा जाए तो गलत नहीं होगा, यहां हजारों मंदिर हैं जिनकी पौराणिक कहानियां बेहद रोचक है. हम आपको ऐसे ही तीन सबसे चमत्कारी और रहस्यों से भरे मंदिरों के बारे में बता रहे हैं. आज तक वैज्ञानिक भी इन रहस्यों के बारे में पता नहीं लगा पाए हैं. खंभो पर खड़ा भारत का एक मंदिर ऐसा है जो हवा में झूल रहा है, तो एक मंदिर ऐसा है जहां बिना किसी के बजाए हमेशा बांसुरी की धुन सुनायी देती है. ऐसे ही मंदिरों में दर्शन करने गए लोग इन चमत्कारों को देखकर हैरान रह जाते हैं. 

आंध्र प्रदेश में स्थित लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Mandir)

लेपाक्षी मंदिर, जो भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के अनंतपुर जिले में स्थित है, एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है. ये प्राचीन कालीन मंदिर 70 खंभों पर खड़ा है. लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा की इस मंदिर का एक भी खम्भा जमीन से जुड़ा हुआ नहीं है और इसलिए इसे हैंगिंग टेम्पल भी कहा जाता हैं.  यह मंदिर विजयनगर साम्राज्य के शासनकाल में 16वीं शताब्दी में बनाया गया था. लेपाक्षी मंदिर अपने अद्वितीय वास्तुशिल्प और उत्कृष्ट मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है.

मुख्य आकर्षणों में नंदी बैल की विशाल प्रतिमा, भगवान शिव का मंदिर और प्रसिद्ध 'हैंगिंग पिलर' (Hanging Pillar Temple) शामिल हैं, जो बिना किसी आधार के लटका हुआ दिखाई देता है. मंदिर की दीवारों और छतों पर सुंदर चित्रकारी और मूर्तिकला का काम किया गया है, जो विजयनगर कला और संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है.

वेणुगोपाल मंदिर

ताजमहल से सैकड़ों साल पहले बना इंसानी हाथों का अद्भुत चमत्कार वेणुगोपाल मंदिर (Venugopala Swamy Temple) भी बेहद खास है. इस मंदिर की खास बात ये है कि इस मंदिर के अंदर से बांसुरी की मधुर ध्वनि सुनाई देती है. लेकिन आज तक ये पता नहीं चल पाया की ये रहस्यमयी आवाज़ आती कहां से है. मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक हिंदू शैली में होती है, जिसमें नक्काशीदार स्तंभ, गोपुरम (मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार) और मंडप शामिल होते हैं.

चेन्नाकेशव मंदिर

बेलूर में स्थित चेन्नाकेशव मंदिर (Chennakeshava Temple) कर्नाटक का एक प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है.  इस मंदिर को 900 साल पहले बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया था. इसकी खास बात यह है कि इसे बनाने में श्रमिक कलाकारों की तीन पीढ़ियां लग गई और इसे बनाने में कुल 103 वर्ष लगे थे. यह मंदिर होयसला वास्तुकला शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है. इसमें ताराशिलाओं का उपयोग करके अत्यंत जटिल और सुंदर नक्काशी की गई है. मंदिर का संरचना स्टार के आकार में है और इसकी दीवारें, स्तंभ, और दरवाजे बारीकी से नक्काशीदार हैं.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)