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Mysterious Temples: शिवलिंग का रंग दिन में तीन बार बदलता है, जानिए रहस्य

महादेव का ये रहस्यमयी मंदिर राजस्थान के धौलपुर में स्थित है और शिवलिंग का रंग दिन में तीन बार बदलता है. सुबह लाल, दोपहर में केसरिया और शाम को सांवला हो जाता है. इस रहस्य को आज तक कोई नहीं सुलझा पाया है. 

Updated on: 13 Jun 2024, 09:48 AM

नई दिल्ली:

Mysterious Temples:  शिव वो शक्ति जिसके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है. आदि, अंत, शून्य और इकाई सब कुछ शिव ही है. भारत मंदिरों का देश है. यहां एक से एक रहस्यमयी और चमत्कारी मंदिर हैं  जिनके रहस्य साइंस भी आज तक सुलझा नहीं पाया है. आइए जानते हैं अचलेश्वर महादेव के बारे में, अचलेश्वर महादेव मंदिर नाम से भारत में महादेव के कई मंदिर हैं, लेकिन राजस्थान के धौलपुर स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर बाकि सभी मंदिरों से एकदम अलग है. ये मंदिर राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है, जो चम्बल और बीहड़ों के लिए प्रसिद्ध है. इस मंदिर का शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है. सुबह शिवलिंग का रंग लाल होता है. दोपहर में केसरिया हो जाता है और जैसे-जैसे शाम होती है, शिवलिंग का रंग सांवला होता जाता है. इन रंगों के बदलाव के रहस्य को आज तक कोई नहीं जानता. 

शिवलिंग की गहराई का भी आज तक पता नहीं चला है. इस मंदिर की प्राचीनता और चमत्कारिक घटनाओं के कारण भक्तों की भीड़ यहां बढ़ती जा रही है. यह मंदिर प्राचीनकाल में डाकुओं के लिए प्रसिद्ध था. इस मंदिर की प्राचीन कहानियों में एक कहानी ये भी है कि ये इलाका डाकुओं के लिए काफी प्रसिद्ध था. जिस वजह से यहां कम श्रद्धालु आते थे. साथ ही यहां पहुंचने का रास्ता बहुत ही पथरीला और उबर खाबड़ हुआ करता था. लेकिन, जैसे-जैसे भगवान के बारे में लोग जानने लगे यहां भक्तों की भीड़ जुटनी चालू हो गई. 

इस शिवलिंग की एक और अनोखी बात यह भी है कि इस शिवलिंग के छोर का आज तक पता नहीं चला. कहते हैं बहुत समय पहले एक बार भक्तों ने शिवलिंग की गहराई को जानने के लिए इसकी खुदाई की थी, पर काफी गहराई तक खोदने के बाद भी इसके छोर का पता नहीं चल पाया. अंत में भक्तों ने इसे भगवान का चमत्कार मानते हुए खुदाई बंद कर दी.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)