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Magh Pradosh Vrat: बुधवार को है माघ प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Magh Pradosh Vrat 2021: किसी भी माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है. प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. हर महीने में दो प्रदोष व्रत होते हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 23 Feb 2021, 06:04:28 PM
pradosh vart

24 फरवरी को है माघ प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि (Photo Credit: File Photo)

नई दिल्ली:

Magh Pradosh Vrat: किसी भी माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है. प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. हर महीने में दो प्रदोष व्रत होते हैं. पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को और दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को. माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है. आज हम आपको बताएंगे कि 24 फरवरी को पड़ने वाले माघ महीने के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत का क्‍या महत्‍व है. 

माघ शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत की तिथि
इस बार 24 फरवरी 2021 (बुधवार) को माघ महीने के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत मनाया जाएगा. प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. प्रदोष काल में ही प्रदोष व्रत की पूजा की जाती है. माना जाता है कि प्रदोष के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा करने से कई जन्मों के पाप धुल जाते हैं और मन पवित्र हो जाता है. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्‍व है और शिव पुराणों में भी इसकी महिमा बताई गई है.

प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

  • माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि : 24 फरवरी (बुधवार) को शाम 06:05 बजे प्रारंभ.
  • त्रयोदशी तिथि का समापन : 25 फरवरी (गुरुवार) को शाम 05:18 बजे.
  • प्रदोष काल 24 फरवरी को पड़ने से इसी दिन शिव पूजन और प्रदोष व्रत करना फलदायी होगा.

प्रदोष व्रत पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करके स्वच्छ कपड़े धारण करें.
  • पूजा के स्थान या घर के मंदिर को साफ करें. शिव की मूर्ति को स्नान कराएं. पूजास्‍थल को गंगाजल से शुद्ध करें.
  • एक छोटी चौकी पर कपड़ा बिछाकर शिव मूर्ति या शिवलिंग स्थापित करें.
  • भगवान शिव को नए वस्त्रों से सुसज्जित करें और चंदन लगाएं.
  • शिवलिंग पर फूल, धतूरा और भांग चढ़ाएं या ताजे फलों का भोग अर्पित करें.
  • पूरे दिन व्रत का पालन करें और फलाहर ग्रहण करें.
  • प्रदोष काल में प्रदोष व्रत की कथा सुनें और सफेद चीजों का भोग लगाएं.
  • आरती के बाद सभी को भोग वितरित करें और स्वयं भी ग्रहण करें.

प्रदोष व्रत का महत्व

विधि पूर्वक प्रदोष व्रत का पालन करें. प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से घर में सुख-शांति आती है. जो स्त्रियां संतान की इच्छा रखती हैं, उनके लिए भी यह व्रत फलदायी होता है. विवाह की इच्छा रखने वाली कन्याओं को यह व्रत करने से अच्छे वर की प्राप्ति होती है और घर में लड़ाई-झगड़े समाप्‍त होते हैं. 

First Published : 22 Feb 2021, 02:29:52 PM

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