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Chinnamasta Mantra: ये हैं देवी छिन्नमस्ता के 5 चमत्कारी मंत्र, जपते ही बन जाते हैं सारे काम!

Chinnamasta Mantra: हिंदू धर्म में मंत्रों की शक्ति का विशेष महत्व होता है. खास कर अगर आप तंत्र साधना कर रहे हैं या किसी सिद्धि के लिए मंत्र साध रहे हैं तो ये जान लें. देवी छिन्नमस्ता के मंत्र कितने चमत्कारी है और उनका जाप कैसे करते हैं जानिए.

Updated on: 20 May 2024, 11:02 AM

New Delhi :

Chinnamasta Mantra: देवी छिन्नमस्ता दस महाविद्याओं में से छठी महाविद्या हैं. इनका स्वरूप अत्यंत भयानक और वीर है. देवी छिन्नमस्ता अपने बाएं हाथ में अपना कटा हुआ सिर लिए हुए हैं और अपने दाहिने हाथ से खड्ग लिए हुए हैं. देवी के स्वरूप में रक्त की धारा बह रही है, जिसे दो योगिनियां ग्रहण कर रही हैं. देवी छिन्नमस्ता की पूजा करने से अनेक लाभ होते हैं. मोक्ष की प्राप्ति होती है और देवी शत्रुओं पर विजय दिलाती हैं. देवी छिन्नमस्ता भय और रोगों से मुक्ति दिलाती हैं और तंत्र शक्ति में वृद्धि होती है. मनोकामना पूर्ति करती हैं.

देवी छिन्नमस्ता के मंत्र

1. ॐ जय जयति वैष्णवी जयति चंडी जयति कालिका जयति दुर्गा ॥

यह मंत्र देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की स्तुति करता है. इस मंत्र का जाप करने से देवी छिन्नमस्ता की कृपा प्राप्त होती है.

2. ॐ श्रीं ह्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचिनीयै ह्रीं ह्रीं फट् स्वाहा ॥

यह मंत्र देवी छिन्नमस्ता का बीज मंत्र है. इस मंत्र का जाप करने से देवी छिन्नमस्ता की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

3. ॐ ह्रीं ह्रीं देवी चंडमुंडे प्रसन्न प्रसीद प्रसीद ॐ नमो नमः ॥

यह मंत्र देवी चंडमुंडे (देवी छिन्नमस्ता का एक नाम) की स्तुति करता है. इस मंत्र का जाप करने से देवी चंडमुंडे प्रसन्न होती हैं और मनोकामनाएं पूरी करती हैं.

4. ॐ जय जयति रक्तवती जयति चंडी जयति कालिका जयति दुर्गा ॥

यह मंत्र देवी रक्तवती (देवी छिन्नमस्ता का एक नाम) की स्तुति करता है. इस मंत्र का जाप करने से देवी रक्तवती प्रसन्न होती हैं और भय और रोगों से मुक्ति दिलाती हैं.

5. ॐ क्लीं क्लीं वज्रवती स्वाहा ॥

यह मंत्र देवी वज्रवती (देवी छिन्नमस्ता का एक नाम) का बीज मंत्र है. इस मंत्र का जाप करने से देवी वज्रवती प्रसन्न होती हैं और शत्रुओं पर विजय दिलाती हैं.

इन मंत्रों का जाप करते समय ध्यान और एकाग्रता का होना आवश्यक है. मंत्रों का जाप किसी शांत और निर्मल स्थान पर करना चाहिए. मंत्रों का जाप स्नान करके और स्वच्छ वस्त्र पहनकर करना चाहिए. इन मंत्रों के जाप के अलावा, देवी छिन्नमस्ता की पूजा भी कर सकते हैं. पूजा विधि के बारे में आप किसी गुरु या ज्योतिषी से सलाह ले सकते हैं. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)