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सबरीमला मंदिर में Covid-19 Negative रिपोर्ट ले जाना जरूरी, शिरडी के साईं बाबा मंदिर में प्री बुकिंग अनिवार्य

सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को आरटी-पीसीआर जांच कराकर अपने साथ Covid-19 Negative होने का प्रमाणपत्र लाना होगा. उधर, शिरडी के साईं बाबा मंदिर में दर्शन के लिए प्री बुकिंग को अनिवार्य कर दिया गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 20 Dec 2020, 11:46:01 PM
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सबरीमला में Corona रिपोर्ट तो साईं बाबा मंदिर में प्री बुकिंग जरूरी (Photo Credit: File Photo)

नई दिल्ली:

सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को आरटी-पीसीआर जांच कराकर अपने साथ Covid-19 Negative होने का प्रमाणपत्र लाना होगा. त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष एन वासु ने कहा कि 26 दिसंबर से यहां आ रहे श्रद्धालुओं को अपने साथ आरटी-पीसीआर प्रमाणपत्र लेकर आना होगा और यह जांच 48 घंटे से पहले नहीं कराई गई होनी चाहिए. यह निर्णय केरल हाई कोर्ट के हाल के निर्देश को देखते हुए लिया गया है. उधर, शिरडी के साईं बाबा मंदिर में दर्शन के लिए प्री बुकिंग को अनिवार्य कर दिया गया है. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते यह फैसला लिया गया है. 

केरल हाई कोर्ट ने सबरीमला मंदिर के लिए रोजाना तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाकर 5000 कर दी है. यह मंदिर 26 दिसंबर को मंडाला पूजा के बाद बंद हो जाएगा और फिर 31 दिसंबर को मकरविलक्कू पूजा के लिए खुलेगा.

शिरडी के प्रसिद्ध साई बाबा मंदिर की बात करें तो वहां श्रद्धालुओं की संख्‍या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है, जिसे देखते हुए दर्शन के लिए अब पूर्व बुकिंग अनिवार्य कर दिया गया है. मंदिर न्यास के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि कोरोना महामारी के बीच दर्शन के लिए मंदिर को फिर से खोल दिया गया, जिसके बाद शुरूआत में रोजाना करीब 6,000 श्रद्धालु आ रहे थे लेकिन अब 15,000 श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. 

सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भीड़ और बढ़ जा रही है. उन्होंने कहा, मंदिर प्रतिदिन अब अधिकतम 12,000 श्रद्धालुओं को Covid-19 के दिशानिर्देशों के पालन के साथ आने की अनुमति दे सकता है. दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं के बीच एक दूसरे से दूरी बनाए रखने पर अधिक बल दिया जाएगा. इसलिए श्रद्धालुओं को अब पूर्व बुकिंग करने के बाद ही आना चाहिए एवं उसके लिए दर्शन पास ऑनलाइन उपलब्ध है. ’’ उन्होंने कहा कि 10 साल से कम उम्र के बच्चों और 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को इस महामारी के दौर में दर्शन के लिए नहीं आना चाहिए.

First Published : 20 Dec 2020, 11:46:01 PM

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