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गुरु के साथ इन लोगों का भी करें सम्मान, लक्ष्मी जी हमेशा रहेंगी मेहरबान

24 जुलाई 2021, शनिवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व है. ये पर्व आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की तिथि को मनाया जाता है. गुरु पूर्णिमा का पर्व जीवन में गुरु के महत्व को बताता है. चाणक्य को आचार्य चाणक्य भी कहा जाता है.

News Nation Bureau | Edited By : Avinash Prabhakar | Updated on: 25 Jul 2021, 10:00:00 AM
chanakya

चाणक्य नीति (Photo Credit: File)

दिल्ली:

आचार्य चाणक्य (Chanakya Niti) की अर्थनीति, कूटनीति और राजनीति विश्वविख्यात है, जो हर एक को प्रेरणा देने वाली है. चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु और सलाहकार आचार्य चाणक्य के बुद्धिमत्ता और नीतियों से ही नंद वंश को नष्ट कर मौर्य वंश की स्थापना की थी. आचार्य चाणक्य ने ही चंद्रगुप्त को अपनी नीतियों के बल पर एक साधारण बालक से शासक के रूप में स्थापित किया. अर्थशास्त्र के कुशाग्र होने के कारण इन्हें कौटिल्य कहा जाता था. आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र के जरिए जीवन से जुड़ी समस्याओं का समाधान बताया है.

24 जुलाई 2021, शनिवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व है. ये पर्व आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की तिथि को मनाया जाता है. गुरु पूर्णिमा का पर्व जीवन में गुरु के महत्व को बताता है. चाणक्य को आचार्य चाणक्य भी कहा जाता है. चाणक्य स्वयं एक योग्य शिक्षक थे. उनका संपूर्ण जीवन लोगो का मार्गदर्शन और शिक्षा प्रदान करने में व्यतीत हुआ. चाणक्य की शिक्षाएं आज भी लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं. चाणक्य की चाणक्य नीति की प्रांसगिकता आज भी कायम है. बड़ी संख्या में लोग आज भी चाणक्य की चाणक्य नीति का अध्ययन करते हैं और जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करते हैं. चाणक्य के अनुसार गुरु के अतिरिक्त इन लोगों का भी हमेशा सम्मान करना चाहिए:

पिता- चाणक्य के अनुसार पिता का सदैव सम्मान करना चाहिए. पिता अपनी संतान को योग्य बनाने के लिए त्याग करता है. विपरीत परिस्थियों में भी अपनी संतान को श्रेष्ठ बनाने के लिए यथासंभव परिश्रम करता है. पिता के समर्पण और त्याग से ही संतान का भविष्य बनता है. इसलिए पिता का हमेशा सम्मान करना चाहिए.

सच्चा मित्र- चाणक्य के अनुसार उस मित्र का हमेशा सम्मान करें, जो आपके बुरे वक्त में आपकी मदद के लिए खड़ा रहता है. जो बुरे वक्त में साए की तरह साथ देते हैं. बुरे वक्त में जब सब साथ छोड़ जाते हैं तो वही साथ देता है जो आपको दिल से चाहता है. इसलिए ऐसे लोगों का हमेशा अहसान मानना चाहिए. इनका आदर और सम्मान करना चाहिए. ऐसे लोग जीवन में उपहार की तरह होते हैं.

चाणक्य के अनुसार उन लोगों का हमेशा आभार व्यक्त करना चाहिए, जिनसे आप जीवन में महत्वपूर्ण सबक हासिल करते हैं. ऐसे लोगों की सीख और शिक्षाएं जीवन में प्राप्त होने वाली सफलताओं में अहम भूमिका अदा करती हैं. 

First Published : 25 Jul 2021, 10:00:00 AM

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