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Apara Ekadashi 2021: जानें अपरा एकादशी व्रत की तिथि, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

इस साल 6 जून, रविवार के दिन अपरा  एकादशी का व्रत पड़ रहा है. हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है.

News Nation Bureau | Edited By : Vineeta Mandal | Updated on: 01 Jun 2021, 02:16:23 PM
अपरा एकादशी 2021

अपरा एकादशी 2021 (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

इस साल 6 जून, रविवार के दिन अपरा  एकादशी का व्रत पड़ रहा है. हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है. मान्यताओं के मुताबिक,  एकादशी का व्रत करने और विधिपूर्वक पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है. घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है. इसके साथ ही भक्तों को समाज में यश मिलता है. अपरा एकादशी को अचला, जलक्रीड़ा और भद्रकाली एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष को एकादशी के दिन अपरा एकादशी का योग माना गया है.

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अपरा एकादशी शुभ मुहूर्त

अपरा एकादशी तिथि प्रारंभ- 05 जून 2021 को शाम 04 बजकर 07 मिनट से

अपरा एकादशी तिथि का समापन- जून 06, 2021 को सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर

अपरा एकादशी व्रत पारण मुहूर्त- 07 जून 2021 को सुबह 05 बजकर 12 से सुबह 07:59 तक

अपरा एकादशी पूजा विधि

अपरा एकदाशी व्रत के एक दिन पहले रात में खाना खाने के बाद अच्छे से ब्रश कर के मुंह को साफ कर लें. इसके बाद भोजन को ग्रहण न करें. साथी के साथ शारीरिक संबंध न बनाएं.  अब एकादशी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान करें और साफ सुथरे वस्त्र धारण कर लें. अब पूजाघर या मंदिर का साफ कर के गंगाजल से शुद्ध कर लें. भगवान के सामने व्रत का संकल्प लें.  इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा शुरू करें. संभव हो तो पंडित जी को घर बुलाकर एकदशी व्रत की कथा सुनें.  आसन लगाकर भगवान विष्णु का चित्र या मूर्ति स्थापित करें. विष्णु जी को चंदन का टीका लगाएं. अब पीले फूल, तुलसी, सुपारी, लौंग, धूप-दीप से पूजा करें. विष्णु जी को पंचामृत, मिठाई  और फलों का भोग लगाएं. भगवान विष्णु  की आरती करें. 'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम:' का जाप करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी करें। इस दिन भोजन में केवल फलाहार लें.

अपरा एकादशी का महत्त्व

पौराणिक कथाओं केे मुताबिक, भगवान श्री श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने अपरा एकादशी का व्रत किया था, जिससे उनकी महाभारत के युद्ध में विजय हुई थी. साथ ही मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत करने से भक्त के सभी दुख दूर होते हैं और उसके सभी पापों का अंत होता है. ऐसा भी कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से ब्रह्म हत्या, भूत योनि, दूसरे की निंदा, झूठ बोलना, झूठे शास्त्र पढ़ना आदि सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं.

 

First Published : 01 Jun 2021, 12:53:50 PM

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