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Jyeshtha Maas 2024: आज से शुरू हुआ अग्नि मास, जाने ज्येष्ठ के महीने में क्या करें क्या न करें 

Jyeshtha Maas 2024: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना आज से शुरू हो गया है. ज्येष्ठ मास को अग्नि मास भी कहा जाता है. ज्येष्ठ मास में कई धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व हैं. 

Updated on: 24 May 2024, 09:09 AM

New Delhi :

Jyeshtha Maas 2024: आज 24 मई 2024 से ज्येष्ठ मास आरंभ हो रहा है. यह हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना है और सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं. ज्येष्ठ मास को अग्नि मास भी कहा जाता है. इस मास में सूर्य की गरमी बढ़ जाती है और दिन लंबे होने लगते हैं. इस महीने में गंगा दशहरा और वट सावित्री जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार मनाए जाते हैं. स्नान, दान और तपस्या करना बहुत पुण्यकारी होता है और ज्येष्ठ मास में शिव, पार्वती और सूर्य देव की पूजा करना भी शुभ माना जाता है. ज्येष्ठ मास में कई क्षेत्रों में शादी का सीजन शुरू हो जाता है. इस मास में फल और सब्जियों की बहुतायत होती है. सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है. ज्येष्ठ मास में लाल रंग के वस्त्र धारण करें और जितना हो सके असहाय और गरीबों की मदद करें.

क्या करें

ज्येष्ठ मास में स्नान, दान और तपस्या करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है. इस मास में पवित्र नदियों, खासकर गंगा नदी में स्नान करना विशेष फलदायी माना जाता है. दान करने से पुण्य लाभ होता है और तपस्या से मन शांत होता है. सूर्य देव की पूजा करना बहुत महत्वपूर्ण होता है. सूर्य देव को जल अर्पित करना, सूर्य मंत्र का जाप करना और सूर्य नमस्कार करना शुभ माना जाता है. ज्येष्ठ मास में लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है. लाल रंग सूर्य देव का प्रतीक है और इस रंग को धारण करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है. दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है. आप अन्न, वस्त्र, दवा या पैसे दान कर सकते हैं. दान करने से पुण्य लाभ होता है और सुख-समृद्धि वृद्धि पाती है. ज्येष्ठ मास में कई व्रत रखे जाते हैं, जैसे वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा व्रत और निर्जला एकादशी व्रत. इन व्रतों को रखने से पुण्य लाभ होता है और मन शांत होता है.

क्या ना करें

ज्येष्ठ मास में मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. मांस-मदिरा का सेवन करने से शरीर अशुद्ध होता है और मन अशांत होता है. ज्येष्ठ मास में झूठ नहीं बोलना चाहिए. झूठ बोलने से पाप लगता है और मान-सम्मान हानि होती है. किसी भी प्रकार का गलत काम नहीं करना चाहिए. चोरी, हिंसा और लालच जैसे गलत कामों से दोष लगता है और जीवन में कष्ट भोगना पड़ता है. नकारात्मक विचारों से दूर रहें और किसी का अनादर ना करें.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)