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धार्मिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य Photograph: (NN)
धार्मिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने आज न्यूज़ नेशन को दिए इंटरव्यू में कहा कि जो समाज के लिए जरूरी है, वही वह बोलते रहेंगे. उन्होंने कहा कि नए साल के अवसर पर सार्वजनिक स्थानों पर लड़के और लड़कियां नशे में धुत नजर आए, जिसे माता-पिता को गंभीरता से देखना चाहिए. उनके अनुसार यह केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक चिंता का विषय है, जिस पर खुलकर चर्चा जरूरी है.
मीडिया पर अधूरी बात दिखाने का आरोप
इंटरव्यू के दौरान अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने मीडिया पर झूठ और अधूरी बात दिखाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वह इस तरह की रिपोर्टिंग से परेशान हैं. इस पर एंकर ने जवाब दिया कि अगर मीडिया से कोई गलती होती है तो माफी मांगी जाती है. अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि समस्या माफी की नहीं बल्कि अधूरी बात सुनने और दिखाने की है. पूरी बात सुनी जाए तो उसका आनंद और अर्थ दोनों स्पष्ट होंगे.
कथा का संदर्भ और प्रस्तुति
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि उनकी कथा तीन घंटे की होती है और उसमें संदर्भ के साथ बातें रखी जाती हैं. लेकिन टीवी पर उसके छोटे-छोटे अंश दिखाकर विवाद खड़ा कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जब बातों को संदर्भ से काट दिया जाता है, तो उनका अर्थ बदल जाता है और समाज में भ्रम फैलता है.
रिश्तों और सामाजिक घटनाओं पर चिंता
उन्होंने वर्तमान समय में रिश्तों में बढ़ते स्वार्थ पर भी टिप्पणी की. महाराज ने कहा कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए अपने रिश्तों को तार-तार कर रहे हैं. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि टीवी पर ही ऐसी खबरें दिखाई गईं, जहां एक लड़की की शादी होने वाली थी, लेकिन वह अपनी मां दूल्हे के साथ भाग गई. उनके अनुसार ऐसी घटनाएं समाज के नैतिक पतन की ओर इशारा करती हैं, इसलिए इन पर बोलना जरूरी है.
विवादों का सामना करने की बात
उन्होंने कहा कि ने स्पष्ट किया कि जब भी समय आएगा, वह हर सवाल और विवाद का सामना करेंगे. उन्होंने कहा कि मीडिया से बातचीत भी खुले तौर पर करेंगे और अपनी बात सीधे रखेंगे. उनके अनुसार डरकर चुप रहना समाधान नहीं है.
रावण पर बयान
रावण को लेकर चल रही चर्चाओं पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि रावण गलत था. उन्होंने कहा कि पराई स्त्री पर नजर रखने का परिणाम सर्वनाश होता है. उन्होंने यह भी कहा कि जब रावण जैसा शक्तिशाली व्यक्ति नहीं बच सका, तो आम व्यक्ति को अहंकार में नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार यह प्रसंग आज के समाज के लिए भी एक सीख है.
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