ऑस्ट्रेलिया: बोंडी बीच हमले की जांच के लिए रॉयल कमीशन गठित

ऑस्ट्रेलिया: बोंडी बीच हमले की जांच के लिए रॉयल कमीशन गठित

ऑस्ट्रेलिया: बोंडी बीच हमले की जांच के लिए रॉयल कमीशन गठित

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IANS
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Death toll rises to 16 in Sydney's Bondi Beach shooting

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

कैनबरा, 8 जनवरी (आईएएनएस)। बोंडी बीच हमले के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज पर यहूदी किलिंग को लेकर ठोस कार्रवाई का दबाव था। हफ्तों तक यहूदी समुदाय, व्यवसायियों और खिलाड़ियों के दबाव का असर गुरुवार को दिखा। पीएम ने प्रेस के सामने आकर हनुक्का समारोह के दौरान हुए आतंकी हमले की जांच के लिए रॉयल कमीशन गठित किए जाने की घोषणा की।

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अल्बानीज ने कहा, यह एक एंटीसेमिटिक आतंकी हमला था, जो आईएसआईएस से प्रेरित था और ऑस्ट्रेलिया में अब तक का सबसे घातक हमला। कमीशन एंटीसेमिटिज्म, सामाजिक समरसता बनाने की जरूरत और सुरक्षा उपायों की जांच करेगा।

वहीं, ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का दावा है कि ये निर्णय पीड़ित परिवारों, यहूदी समुदाय और प्रमुख हस्तियों के दबाव के बाद लिया गया है, जो एंटीसेमिटिज्म और सुरक्षा विफलताओं पर गहन जांच की मांग कर रहे थे। हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। एबीसी डॉट नेट डॉट एयू के अनुसार, पीड़ित परिवारों और यहूदी नेताओं से मिलने के बाद अल्बानीज ने यह फैसला लिया, ये सभी लेबर सरकार पर दबाव डाल रहे थे।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कैनबरा में पार्लियामेंट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, मैंने बार-बार कहा है कि हमारी सरकार की प्राथमिकता एकता और सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देना है। और ऑस्ट्रेलिया को इसी चीज को ठीक करने की जरूरत है।

हाई-पावर्ड फेडरल जांच की मांग अधिकारियों और आलोचकों ने यहूदी विरोधी हमले के कुछ दिनों बाद से ही की थी।

प्रधानमंत्री ने बोंडी आतंकी हमले के 25 दिन बाद रॉयल कमीशन बुलाने के अपने फैसले पर कहा, ये सिफारिशें और टर्म्स ऑफ रेफरेंस आज सुबह नहीं किए गए; इन्हें लंबे समय में किया गया, जिसमें कम्युनिटी के साथ सही सलाह-मशविरा भी शामिल था ताकि यह पक्का हो सके कि हमने इसे सही तरीके से किया है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार एंटीसेमिटिज्म और सामाजिक मेलजोल के लिए एक रॉयल कमीशन बनाने की दिशा में कदम उठाएगी।

अल्बानीज ने कहा, फेडरल कैबिनेट की एक मीटिंग में इसे मंजूरी दी गई थी।

इसमें चार बातों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पहला, एंटीसेमिटिज्म (यहूदी विरोध) से निपटना, इसके नेचर और फैलाव की जांच करने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया में धार्मिक और मोटिवेटेड एक्सट्रीमिज्म (चरमपंथ) सहित मुख्य कारणों की जांच, दूसरा एंटीसेमिटिज्म से निपटने के लिए एनफोर्समेंट (प्रवर्तन), बॉर्डर (सीमा), इमिग्रेशन (अप्रवासन), और सिक्योरिटी (जांच) एजेंसियों को सुझाव देना; तीसरा, बोंडी बीच आतंकी हमले के आस-पास के हालात की जांच करना; और चौथा, ऑस्ट्रेलिया में सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में उचित सुझाव देना।

वहीं, अल्बनीज ने एक डेडलाइन भी तय की है। प्रधानमंत्री का कहना है कि कमिश्नर वर्जीनिया बेल को 14 दिसंबर, 2026 तक रिपोर्ट पेश करनी होगी।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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