पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों से भारत में मौजूद अवसरों का फायदा उठाने का किया आग्रह

पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों से भारत में मौजूद अवसरों का फायदा उठाने का किया आग्रह

पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों से भारत में मौजूद अवसरों का फायदा उठाने का किया आग्रह

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IANS
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Vaduz: Piyush Goyal Meets Liechtenstein Deputy PM

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक राउंडटेबल चर्चा की है और कहा कि भारत में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के सदस्य देशों द्वारा 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता के तहत पैदा हुए अवसरों का फायदा उठाएं।

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गोयल ने एक एक्स पोस्ट में कहा, भारत-ईएफटीए ट्रेड और इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (टीईपीए) केवल एक ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है, बल्कि यह निवेश, टेक्नोलॉजी साझेदारी, स्किल डेवलपमेंट और मजबूत वैल्यू चेन को बढ़ाने का एक फ्रेमवर्क है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अवसर प्रेसिजन इंजीनियरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट बुनियादी ढांचा, उन्नत सामग्री, डिजिटल और वित्तीय सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में फैले हुए हैं।

उन्होंने लिकटेंस्टीन के बिजनेस से कहा कि भारत को एक लंबी अवधि के बेस के रूप में देखें और ईएफटीए देशों की ओर से 100 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता के तहत आने वाले अवसरों का फायदा उठाएं।

समझौते के तहत, यूरोपीय संघ ने 15 वर्षों की अवधि में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे भारत में दस लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिकटेंस्टीन स्थित हिल्टी समूह के मुख्यालय के दौरे और उसके सीईओ जहांगीर डूंगाजी से मुलाकात की जानकारी दी।

पोस्ट में उन्होंने कहा, भारत के निर्माण क्षेत्र में समूह की 25 वर्षों से अधिक की उपस्थिति को देखते हुए, चर्चा का मुख्य विषय स्थानीयकरण को बढ़ावा देना, मूल्यवर्धन बढ़ाना और भारत से वैश्विक शिपमेंट को बढ़ाना था, जो हमारे विनिर्माण और निर्यात वृद्धि लक्ष्यों के अनुरूप है।

मंत्री ने निवेश विस्तार, तेज इनोवेशन और मजबूत घरेलू क्षमता निर्माण द्वारा समर्थित सुरक्षित और स्मार्ट बुनियादी ढांचे के लिए प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी चर्चा की।

गोयल ने इससे पहले लिकटेंस्टीन की उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सबीन मोनाउनी के साथ व्यापार, इनोवेशन और स्वच्छ प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की थी। भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) आधिकारिक तौर पर अक्टूबर 2025 में लागू हुआ, जिसमें स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं।

ब्रुसेल्स में गोयल की दो दिवसीय व्यापार वार्ता का उद्देश्य भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में निर्णायक कदम उठाना था।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य वस्त्र, चमड़ा, परिधान, रत्न और आभूषण तथा हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए शून्य शुल्क पहुंच सुनिश्चित करना था।

--आईएएनएस

एबीएस/

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