News Nation Logo
Banner

Phulera Dooj 2022: टूटते वैवाहिक जीवन को संवार देती है फुलेरा दूज, हर बार होता है इसका अभूझ मुहूर्त... जानें पूजा विधि और अचूक उपाय

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है. विवाह से लेकर प्रेम प्राप्ति तक के लिए इसे अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. फुलेरा दूज पर विवाहित दंपत्ति एवं प्रेमी प्रेमिका द्वारा राधा कृष्ण की की गई पूजा जीवन को प्रेम और वैवाहिक सुख से भर देती है. तो चलिए जानते हैं फुलेरा दूज की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मान्यताएं और अचूक उपाय.

News Nation Bureau | Updated : 03 March 2022, 09:56:31 PM
article

Social Media

1

पंचांग के अनुसार, फूलेरा दूज फाल्गुन माह (Phalguna Month) के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है. इस साल फूलेरा दूज 04 मार्च को है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक फुलैरा दूज का दिन पूरी तरह से दोष मुक्त होता है. 

1

Social Media

2

मान्यता है कि इस दिन का हर क्षण शुभ होता है. इस दिन मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण और राधाजी की विशेष पूजा होती है और दोनों के लिए फूलों वाली होली का आयोजन भी होता है. 

2

Social Media

3

इसके अतिरिक्त, विवाह से लेकर प्रेम प्राप्ति तक के लिए फुलेरा दूज को फुलेरा दूज पर विवाहित दंपत्ति एवं प्रेमी प्रेमिका द्वारा राधा कृष्ण की की गई पूजा जीवन को प्रेम और वैवाहिक सुख से भर देती है. तो चलिए जानते हैं फुलेरा दूज की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मान्यताएं और अचूक उपाय. 

3

Social Media

4

फूलेरा दूज 2022 पूजा मुहूर्त

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि आज रात 09:36 बजे लग रही है, यह 04 मार्च को रात 08:45 बजे तक है. 04 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग, शुभ योग एवं अमृत सिद्धि योग बन रहा है. शुभ योग तो प्रात:काल से ही है. ऐसे में आप राधाकृष्ण की पूजा सुबह स्नान के बाद कर सकते हैं. फूलेरा दूज के दिन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक है. इस दिन आप इस मुहूर्त में कोई भी शुभ काम कर सकते हैं.

4

Social Media

5

फुलेरा दूज 2022 पूजा विधि

1. फूलेरा दूज के दिन प्रात:काल में स्नान आदि के बाद पूजा स्थान की सफाई कर लें. फिर गेंदा, गुलाब, हरश्रृंगार, पलाश, मालती, कुमुद के फूलों को लाएं. मालती का फूल राधारानी और श्रीकृष्ण दोनों को ही प्रिय है.

2. अब आप शुभ मुहूर्त में राधारानी और श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें. उनकी फूल, अक्षत्, फल, चंदन, रोली, कुमकुम, धूप, दीप, गंध आदि से पूजा करें.

3. इसके बाद राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण के लिए लाए गए फूलों से होली मनाएं. भगवान श्रीकृष्ण और राधाजी पर फूल अर्पित करें. इस दौरान आप राधाकृष्ण के भजन गा सकते हैं या कोई गीत बजा सकते हैं.

4. राधारानी और श्रीकृष्ण सच्चे प्रेम के प्रतीक हैं. उनकी पूजा से आपके रिश्ते मजबूत होंगे, प्रेम भाव बढ़ेगा.

5

Social Media

6

फूलेरा दूज 2022 कथा

बताया जाता है कि एक बार श्रीकृष्ण काफी समय तक राधाजी और गोपियों से नहीं मिले, जिसकी वजह से वे सभी नाराज हो गईं. व्यस्तता के कारण ऐसा हुआ. जब श्रीकृष्ण को इस बात का ज्ञान हुआ, तो वे राधाजी और गोपियों से मिलने बरसाने गए. 

6

Social Media

7

फूलेरा दूज 2022 कथा

वहां पर उन्होंने राधाजी पर फूल फेंके, तो राधाजी ने भी श्रीकृष्ण पर फूल फेंके. यह देखकर गोपियां भी उन पर फूल फेंकने लगीं. इस तरह से राधाकृष्ण ने फूलों की होली खेली. उस दिन फाल्गुन शुक्ल द्वितीया थी. उसके बाद से हर साल इस तिथि को फूलों वाली होली खेली जाने लगी. इससे ही फूलेरा दूज का प्रारंभ हुआ.

7

Social Media

8

वैवाहिक जीवन की समस्या को दूर करने के लिए फूलेरा दूज 2022 अचूक उपाय

इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा-रानी की पूजा से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है.

8

Social Media

9

वैवाहिक जीवन की समस्या को दूर करने के लिए फूलेरा दूज 2022 अचूक उपाय 

- फुलेरा दूज के दिन राधा-कृष्ण को रंग-बिरंगे फूल अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में आपसी प्यार बढ़ता है. साथ ही इस दिन राधा-कृष्ण मंदिर में जाकर दर्शन जरूर करना चाहिए. 

- फुलेरा दूज के दिन राधा-कृष्ण को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करने के बाद उसमें से कोई एक चीज अपने पास जरूर रखें. मान्यता है कि ऐसा करने से जल्द विवाह होता है. 

11

Social Media

10

वैवाहिक जीवन की समस्या को दूर करने के लिए फूलेरा दूज 2022 अचूक उपाय 

- फुलेरा दूज के दिन गाय, मोर और गाय की बछिया को आहार जरूर दें. साथ ही इस दिन किसी की निंदा ना करें. इसके अलावा किसी भी कृष्ण भक्त का अपमान ना करें.

- फुलेरा दूज के दिन मांसाहार भोजन ना करें. साथ ही इस दिन शराब या किसी अन्य नशीली पदार्थों का सेवन ना करें.