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ये हैं दुनिया के सबसे छोटे 10 देश जिनकी GDP और प्रति व्‍यक्‍ति आय कई बड़े देशों से ज्‍यादा

Officially there are 195 countries in total. Of these, 193 is a member of the United Nations (UN) and they are actually kept in counting countries. Apart from these, Holy See or Vatican City and State of Palestine are two countries which are not members of the United Nations. There are a total of 247 countries in the world.

News Nation Bureau | Updated : 25 December 2018, 09:57:41 AM
1 वैटिकन सिटी (Vatican City) क्षेत्रफलः 0.44 वर्ग किलोमीटर

1 वैटिकन सिटी (Vatican City) क्षेत्रफलः 0.44 वर्ग किलोमीटर

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वेटिकन सिटी यूरोप महाद्वीप में है. यह दुनिया का सबसे छोटा देश है. रोम, इटली से घिरे इस देश को “The Holly See” के रूप में भी जाना जाता है. यह देश सिर्फ़ 0.44 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में बसा हुआ है. यह किसी भी एक गांव से भी छोटा है. सच पूछिए तो हमारा राष्ट्रपति भवन का परिसर ही उससे बड़ा है. दरअसल इस देश की पूरी सीमा करीबन 2 किलोमीटर है. आप 20 मिनट में इसके एक कोने से दूसरे कोने तक पैदल जा सकते हैं, इसके बावजूद इसको अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है.
सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला देश मोनैको (Monaco), क्षेत्रफल 1.95 वर्ग किलोमीटर

सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला देश मोनैको (Monaco), क्षेत्रफल 1.95 वर्ग किलोमीटर

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मोनाको (Monaco) यूरोप महाद्वीप में फ्रांस और इटली के बीच समुद्र के किनारे बसा है. यह तीन तरफ फ्रांस से और एक तरफ भूमध्य सागर से घिरा है. यह एक स्वतंत्र राष्ट्र है और इसका आधिकारिक नाम Principality of Monaco है. इसमें केवल एक नगरपालिका है और मोन्टे कार्लो (Monte Carlo) इसका मुख्य शहर है. इसकी राष्ट्रीय भाषा फ्रेंच है. समुद्र किनारे बसे होने के कारण यहां की अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी है. इस देश में दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा प्रति व्यक्ति करोड़पति हैं.
3. नौरु (Nauru)दुनिया का एक मात्र राष्ट्र जिसकी नहीं है कोई राजधानी, क्षेत्रफलः 21.3 वर्ग किलोमीटर

3. नौरु (Nauru)दुनिया का एक मात्र राष्ट्र जिसकी नहीं है कोई राजधानी, क्षेत्रफलः 21.3 वर्ग किलोमीटर

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आधिकारिक तौर पर नौरु (Nauru) को Republic of Nauru के नाम से जाना जाता है. यह प्रशांत महासागर के बीचों-बीच बसा हुआ विश्व का सबसे छोटा द्वीप है. इस देश की न तो कोई सेना (Army) है और न ही इसकी कोई राजधानी. यह दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र गणराज्य देश भी है. यह पूरा द्वीप Coral Reefs (मूंगा चट्टानों) से घिरा हुआ है और सफेद रेतीले तटों के लिए जाना जाता है.
4. दुनिया का तीसरा कम जनसंख्या वाला देश तुवालु (Tuvalu) क्षेत्रफलः 26 वर्ग किलोमीटर

4. दुनिया का तीसरा कम जनसंख्या वाला देश तुवालु (Tuvalu) क्षेत्रफलः 26 वर्ग किलोमीटर

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तुवालु आस्ट्रेलिया के पूर्वोत्तर में व दक्षिणी प्रशांत महासागर क्षेत्र में 9 छोटे द्वीपों का एक समूह है, जो 1978 में ब्रिटेन से आजाद हुआ था. यह देश 9 द्वीपों पर सिमटा हुआ है, जिनमें से 6 प्रवाल द्वीप (atolls islands) और 3 चट्टानीय द्वीप (reef islands) हैं. यहां एक हवाई अड्डा है जो फ़ुनाफुटि (Funafuti) द्वीप में स्थित है, जो कि इस देश की राजधानी भी है. यहाँ मुख्यतः तुवालुअन (Tuvaluan) तथा अंग्रेजी भाषा बोली जाती है.
मार्शल आइलैंड (Marshall Island) – क्षेत्रफल 181 वर्ग किलोमीटर

मार्शल आइलैंड (Marshall Island) – क्षेत्रफल 181 वर्ग किलोमीटर

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मार्शल द्वीप (Marshall Islands) हवाई और फिलीपींस के बीच मध्य प्रशांत महासागर में ज्वालामुखीय द्वीपों और प्रवाल भित्तियों (Coral Atolls) की एक विशाल श्रृंखला हैं. यह देश लगभग 1156 छोटे बड़े द्वीपों में बंटा हुआ है. इसे आधिकारिक तौर पर Republic of the Marshall Islands कहा जाता है. यह देश अमेरिका से अलग होकर 1986 में अस्तित्व में आया था.
एशिया का सबसे छोटा देश मालदीव (Maldives) – क्षेत्रफल 289 वर्ग किलोमीटर

एशिया का सबसे छोटा देश मालदीव (Maldives) – क्षेत्रफल 289 वर्ग किलोमीटर

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मालदीव को आधिकारिक तौर पर मालदीव गणराज्य (Republic of Maldives) भी कहा जाता है, जो हिंद महासागर में स्थित एक छोटा सा देश है. हिन्द महासागर में स्थित होने की वजह से इस देश को हिंद महासागर का मोती भी कहा जाता है. इस देश की गिनती भले ही दुनिया के छोटे देशों में होती है, लेकिन यह देश पर्यटन के लिहाज से दुनिया के प्रसिद्ध देशों में गिना जाता है.
27 लोगों का देश है सीलैंड (Sealand)

27 लोगों का देश है सीलैंड (Sealand)

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एक देश ऐसा भी है जो समुद्र में केवल 2 खंभों पर टिका है. इसकी कुल जनसंख्या 27 है. यह इंग्लैंड के समुद्री तट से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है. इस देश का नाम सीलैंड है. यह खंडहर हो चुके एक समुद्री किले पर टिका हुआ है, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन के दुश्मन देशों पर नजर रखने के लिए बनाया था. माइक्रोनेशन कहे जाने वाले सीलैंड पर हमेशा अलग-अलग देशों का कब्ज़ा रहा है. हालांकि इसे देश के तौर पर कभी भी अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली. लेकिन फिर भी यह खुद को अलग राष्ट्र मानता है. सीलैंड का क्षेत्रफल ढाई सौ वर्ग मीटर है.