पानी की कमी महज 'प्यास' नहीं, सेहत के लिए भी बन सकती है बड़ा खतरा

पानी की कमी महज 'प्यास' नहीं, सेहत के लिए भी बन सकती है बड़ा खतरा

पानी की कमी महज 'प्यास' नहीं, सेहत के लिए भी बन सकती है बड़ा खतरा

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IANS
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पानी की कमी सिर्फ प्यास नहीं, बन सकती है सेहत के लिए बड़ा खतरा

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। पानी हमारे शरीर के हर अंग को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। आयुर्वेद में पानी को जीवन का मूल तत्व माना गया है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के दबाव में हम अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं। यही छोटी सी आदत धीरे-धीरे बड़ी समस्याओं की वजह बन सकती है। अगर हम अपने शरीर की पानी की जरूरत को अनदेखा करेंगे, तो यह धीरे-धीरे बड़ी समस्या का कारण बन सकती है।

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जब हम पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो सबसे पहले असर हमारे मुंह पर पड़ता है और वहां बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि सांसों में बदबू आने लगती है। विज्ञान कहता है कि पर्याप्त पानी पीने से हमारा मुंह स्वच्छ रहता है और बैक्टीरिया के पनपने की संभावना कम होती है। आयुर्वेद में भी इसे बहुत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि मुंह से शुरू होने वाली सफाई पूरे शरीर के लिए जरूरी है। अगर आप अक्सर मुंह से दुर्गंध महसूस कर रहे हैं, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है।

पानी हमारे बालों और स्कैल्प के लिए भी जरूरी है। शरीर में पानी की कमी से स्कैल्प सूखा हो जाता है और बाल कमजोर होकर जल्दी गिरने लगते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि बालों की जड़ों तक पोषण पानी के माध्यम से ही पहुंचता है। इसलिए अचानक बाल ज्यादा गिरना या कमजोर होना केवल उम्र या मौसम की वजह से नहीं, बल्कि पानी की कमी का संकेत भी हो सकता है।

कम पानी पीने का असर हमारे खून और ब्लड सर्कुलेशन पर भी पड़ता है। खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने लगती है और धीरे-धीरे एनीमिया जैसी समस्या पैदा हो सकती है। इसके चलते शरीर में कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी परेशानियां दिखाई देती हैं। विज्ञान कहता है कि पानी ब्लड को पतला करके पूरे शरीर में पोषण पहुंचाता है। बिना पर्याप्त पानी के हमारा शरीर सही ढंग से काम नहीं कर पाता।

पानी हमारे दिमाग के लिए भी बहुत जरूरी है। कम पानी पीने से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स, और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। आयुर्वेद में दिमाग की स्पष्टता और स्थिरता के लिए जल का महत्व बताया गया है। यदि दिमाग को शांत और सक्रिय रखना है, तो दिनभर में पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है।

पानी हमारी शक्ति और ऊर्जा का स्रोत है। जब शरीर में पानी कम होता है, तो आप थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही बताते हैं कि पानी शरीर की कोशिकाओं को सक्रिय और हाइड्रेटेड रखता है। बिना पानी के शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और आप दिनभर ऊर्जावान नहीं रह पाते।

स्किन की खूबसूरती भी पानी पर निर्भर है। पानी हमारी त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है। अगर हम पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो स्किन रूखी, बेजान और थकी हुई दिखने लगती है। लंबे समय तक पानी की कमी से झुर्रियां जल्दी आ जाती हैं और त्वचा की चमक कम हो जाती है। आयुर्वेद में भी त्वचा की चमक और स्वास्थ्य के लिए जल का महत्व बताया गया है।

--आईएएनएस

पीके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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