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लोकसभा चुनाव

मध्य प्रदेश के भिंड-दतिया में कांग्रेस-बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर, जानें किसकी स्थिति है मजबूत

लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सियासी दलों की तैयारियां जोरों पर है. मध्य प्रदेश के भिंड-दतिया में जनता के मन में क्या है इसका खुलासा हो पाना मुश्किल लग रहा है. हालांकि, कांग्रेस बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है.

Updated on: 15 Mar 2024, 08:36 PM

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनाव आयोग ने आम चुनाव की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली है. चुनाव आयोग शनिवार को तारीखों का ऐलान भी कर सकता है. प्रशासन जहां अपने इंतजामों में जुटा है. वहीं, राजनेताओं और जनता का चुनावी टेस्ट भी बिल्कुल अलग है. भारतीय जनता पार्टी जहां भगवान श्री राम के भरोसे पर है और 400 के पार का नारा दे रही है तो वहीं कांग्रेस जमीनी स्तर पर मजबूती को लेकर राहुल गांधी के नाम पर मैदान में है. इसी कड़ी में न्यूज नेशन की टीम ने मध्य प्रदेश के भिंड दतिया लोकसभा चुनाव को लेकर दतिया में अपने खास कार्यक्रम के जरिए राजनेताओं आम नागरिक एवं कुछ जनप्रतिनिधियों से खास चर्चा की. तमाम आरोप प्रत्यारोप के बीच एक बात तो पूरी तरह से स्पष्ट हो चली है कि लोकसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे अपना महत्व रखेंगे, लेकिन राष्ट्रीय मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. वहीं, लोकसभा का चुनाव प्रत्याशी की सक्रियता पर भी निर्भर रहेगा. बाहरी और स्थानीय प्रत्याशी को लेकर भी अलग-अलग राय है.

भिंड दतिया लोकसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होना लगभग तय हैं. भिंड दतिया लोकसभा क्षेत्र के इस चुनाव में दतिया क्षेत्र दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेगा. मध्य प्रदेश के दतिया जिले की आबादी लगभग 8 लाख होती है और तकरीबन साढे 6 लाख मतदाता यहां अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं. दतिया जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र में भांडेर विधानसभा क्षेत्र आरक्षित है और यहां मतदाताओं की संख्या तकरीबन 1 लाख 92 हजार है. वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है और यहां से फूल सिंह बरैया विधायक हैं.

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दतिया में दो सीट पर कांग्रेस का तो एक सीट पर भाजपा का कब्जा

अब बारी आती है सेवड़ा विधानसभा क्षेत्र की. सेवड़ा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 90 हज़ार मतदाता हैं. और वर्तमान में इस सीट पर भाजपा का कब्जा है. सेवड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रदीप अग्रवाल विधायक हैं. अब हम बात करते हैं दतिया विधानसभा क्षेत्र की. दतिया विधानसभा क्षेत्र में तकरीबन 2 लाख 19 हजार मतदाता है और वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. दतिया विधानसभा से कांग्रेस के राजेंद्र भारती विधायक हैं. दतिया विधानसभा क्षेत्र पर तकरीबन 15 साल से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था और पार्टी के कद्दावर नेता डॉ नरोत्तम मिश्रा अपना गढ़ माना जाता था, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा के इस अवैध किले को कांग्रेस ने जीत लिया. वर्तमान में मध्य प्रदेश के दतिया में दो सीट पर कांग्रेस का तो एक सीट पर भाजपा का कब्जा है.

2019 में बीजेपी को मिला था आशीर्वाद

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भिंड दतिया लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी संध्या राय ने बड़ी जीत हासिल की थी. भाजपा की संध्या राय ने कांग्रेस प्रत्याशी देवाशीष जरारिया को तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार वोट से पराजित किया था. भारतीय जनता पार्टी ने इस मर्तबा फिर भिंड दतिया लोकसभा क्षेत्र से श्रीमती संध्या राय को दोबारा टिकट दिया है. और उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया से है. फूल सिंह बरैया वर्तमान में दतिया की भांडेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक है. राजनीति  के इस चुनावी गणित के तमाम समीकरणों के बीच लोगों की अपनी-अपनी राय है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले लोकसभा चुनाव के परिणाम में कौन सी पार्टी बाजी मारती है.