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गोल्डन बाबा अपने लिए बनवाएंगे सोने का मास्क, खर्च किए इतने रुपये

अब 'यूपी के बप्पी लाहिड़ी' के नाम से मशहूर कानपुर का यह शख्स खुद के लिए सोने का बना मास्क को लेकर चर्चा में है. मनोज सेंगर, जिन्हें 'मनोजानंद महाराज' के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने सोने का मास्क बनवाने के लिए पांच लाख रुपये खर्च किए हैं.

IANS/News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 23 Jun 2021, 04:18:15 PM
golden mask

गोल्डेन मास्क (Photo Credit: आईएएनएस)

कानपुर:

अब 'यूपी के बप्पी लाहिड़ी' के नाम से मशहूर कानपुर का यह शख्स खुद के लिए सोने का बना मास्क को लेकर चर्चा में है. मनोज सेंगर, जिन्हें 'मनोजानंद महाराज' के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने सोने का मास्क बनवाने के लिए पांच लाख रुपये खर्च किए हैं. उनके मुताबिक, मास्क के अंदर सैनिटाइजर का घोल होता है जो 36 महीने तक काम करेगा. उन्होंने इसे 'शिव शरण मास्क' नाम दिया है. बप्पी लाहिड़ी की तरह मनोज को भी सोने का शौक है. वह चार सोने की चेन पहनते हैं जिनका वजन एक साथ लगभग 250 ग्राम है.

मनोजानंद महाराज के पास एक शंख, मछली और भगवान हनुमान का लॉकेट है. सभी सोने से बने हैं. मनोज आज भी करीब दो किलो वजन के सोने के आभूषण पहनते हैं. इसके अलावा उनके पास एक जोड़ी गोल्डन इयररिंग्स, रिवॉल्वर के लिए एक गोल्डन कवर और तीन गोल्ड बेल्ट हैं. उन्हें कानपुर का 'गोल्डन बाबा' भी कहा जाता है. मनोज ने कहा कि सोने के चलते उन्हें असामाजिक तत्वों से धमकियां दी थीं. उन्होंने कहा, मैं सभी सावधानियां बरतता हूं और मेरे पास हर समय मेरी रक्षा के लिए दो सशस्त्र अंगरक्षक रहते हैं.

कानपुर के मनोज सेंगर के अलावा सुधीर मक्कड़ को भी गोल्डन बाबा के नाम से जाना जाता है. सुधीर मक्कड़ पिछले 28 सालों से कांवड़ यात्रा में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. सुधीर मक्कड़ ने अपने शरीर पर ही लगभग 16 किलोग्राम सोने के जेवरात (स्वर्ण आभूषण) पहन रखे हैं. सुधीर मक्कड़ साल 2019 की कांवड़ यात्रा में मीडिया का मुख्य आकर्षण बने थे. तब उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया था कि एक साल पहले तक वो अपने शरीर 26 किलोग्राम से भी ज्यादा वजन के स्वर्ण आभूषण धारण करते थे. उनके इन गहनों में कई चेन, देवी-देवताओं के लॉकेट, अंगूठी और ब्रेसलेट शामिल रहते हैं. गोल्डन बाबा का अपना एक समूह है जिसमें 250-300 लोग शामिल हैं और उनकी कांवड़ यात्रा के दौरान भोजन, पानी और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं हमेशा उपलब्ध रहती हैं.

उन्होंने कहा कि मैं पिछले 26 सालों से कांवड़ यात्रा में भाग ले रहा हूं और पिछले साल तक मैं 26 किलो सोना पहनता था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के चलते मैंने इसे अब कम कर दिया है. गोल्डन बाबा ने आगे कहा, 'शुरुआती दिनों में मैं 2-3 ग्राम के सोने के गहने पहनता था, लेकिन आज मैं कई किलो सोने के आभूषण पहनता हूं' इन गहनों के लिए मैंने कभी भी किसी से कोई योगदान या ऋण नहीं मांगा और इन्हें खरीदने के लिए मैंने अपने पैसे खर्च किए हैं.'

First Published : 23 Jun 2021, 04:08:00 PM

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