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Anita Anand Took Oath in Bhagavad Gita
भारतीय मूल की अनीता आनंद ने श्रीमद्भगवद्गीता पर हाथ रखकर कनाडा की विदेश मंत्री के रूप में शपथ ली. उनके इस अंदाज से हर कोई मोहित हो गया. अनीता कनाडा की विदेश मंत्री बनने वाली पहली हिंदू महिला हैं. अनीता जस्टिन ट्रूडो सरकार में भी विदेश मंत्री रह चुकी है. विदेश में गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने वाली अकेली अनीता आनंद नहीं है. बल्कि और भी कई ऐसा कर चुके हैं. आइये जानते हैं और किन-किन देशों में इस तरह से गीता पर हाथ रखकर शपथ दिलाई जाती है.
I am honoured to be named Canada’s Minister of Foreign Affairs. I look forward to working with Prime Minister Mark Carney and our team to build a safer, fairer world and deliver for Canadians. pic.twitter.com/NpPqyah9k3
— Anita Anand (@AnitaAnandMP) May 13, 2025
अनीता आनंद के साथ-साथ इन्होंने भी गीता पर हाथ रखकर खाई है कसम
भारत के अलावा, अमेरिका और ब्रिटेन में भी गीता पर हाथ रखकर शपथ ली जाती है. राजा कृष्णमूर्ति अमेरिकी संसद के सदस्य हैं, उन्होंने संसद में श्रीमद्भगवद्गीता का श्लोक पढ़ा था. इसके अलावा, काश पटेल, अमेरिका में एफबीआई के डायरेक्टर हैं. डायरेक्टर पद की शपथ लेते हुए उन्होंने गीता पर हाथ रखकर कर्तव्य निष्ठा की शपथ ली थी.
इन देशों में भी देखने को मिलता है ये रिवाज
इसके अलावा, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी संसद में गीता पर हाथ रखकर नेता विपक्ष के रूप में शपथ ली थी. गीता के प्रति सुनक के प्रेम को दुनिया पहले भी देख चुकी है. कनिष्क नारायण, शिवानी राजा, तुलसी गबार्ड, सुहास सुब्रमण्यम, वरुण घोष भी गीता पर हाथ रखकर शपथ ले चुके हैं. इन उदाहरणों से साफ हो गया है कि विदेशी संसद जैसे- अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में गीता पर हाथ रखकर शपथ ली जा सकती है. इन उदाहरणों से साफ हो जाता है कि विदेशों में भी गीता को उतना ही पवित्र और सच्चा माना जाता है, जितना भारत में. गीता को विदेशों में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है.