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Summer Vacation: दक्षिण भारत के ऊटी में लें सुहाने मौसम का मजा, यहां है पूरी जानकारी

ऊटी पूरे विश्व में बोटेनिकल गार्डन, डोडाबेट्टा उद्यान, ऊटी झील, कलहट्टी प्रपात और फ्लॉवर शो आदि के लिए प्रसिद्ध है.

By : Akanksha Tiwari | Updated on: 11 May 2019, 01:27:37 PM
(फाइल फोटो)

(फाइल फोटो)

highlights

  • दक्षिण भारत का प्रमुख हिल स्टेशन ऊटी है
  • ऊटी आने वाले टूरिस्ट टॉय ट्रेन का सफर जरूर करते हैं
  • ऊटी में सालों भर पर्यटकों का तांता लगा रहता है

नई दिल्ली:

दक्षिण भारत (South India) का प्रमुख हिल स्टेशन ऊटी (Ooty) है. यह हिल स्टेशन अपने खूबसूरत पहाड़ों के अलावा चाय के बागान के लिए मशहूर है. ऊटी हनीमून स्पॉट के लिए भी प्रसिद्ध है. ऊटी नीलगिरी की पहाड़ियों में स्थित एक सुंदर शहर है. इस शहर का आधिकारिक नाम उटकमंड है तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए इसे ऊटी का नाम दिया गया है.

ऊटी शहर के चारों ओर स्थित नीलगिरी पहाड़ियों (Nilgiri Mountains) के कारण इसकी सुंदरता बढ़ जाती है. नीलगिरी की पहाड़ियों में घने जंगलों के बीच स्थित ऊटी को ब्रिटिश शासनकाल में समर रिट्रीट के रूप में विकसित किया था.

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ऊटी में सालों भर पर्यटकों का तांता लगा रहता है. ऊटी पूरे विश्व में बोटेनिकल गार्डन, डोडाबेट्टा उद्यान, ऊटी झील, कलहट्टी प्रपात और फ्लॉवर शो आदि के लिए प्रसिद्ध है. 

ऊटी में है टॉय ट्रेन (Toy Train in Ooty)

दार्जिलिंग की ही तरह ऊटी में भी टॉय ट्रेन (Toy Train) चलती है जिसे नीलगिरी माउंटेन ट्रेन कहते हैं. ऊटी आने वाले टूरिस्ट टॉय ट्रेन का सफर जरूर करते हैं. आम ट्रेन के मुकाबले इसका सफर थोड़ा हटकर होता है. यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया गया है. मेटूपालायम से कुन्नूर होते हुए ये ट्रेन ऊटी तक जाती है.

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ऊटी बोटैनिकल गार्डन (Ooty Botanical Garden)

ऊटी का बोटेनिकल गॉडर्न भी घूमने-फिरने के लिए बहुत ही खूबसूरत जगह है. यह देश का सबसे पुराना बोटैनिकल गार्डन भी है. इस गॉर्डन में महज फूल-पौधे देखने को ही नहीं बल्कि उनके बारे में जानने का भी मौका मिलता है. गर्मियों में यहां फ्लॉवर शो भी होता है. ऊटी का फेमस लेक भी अपनी खूबसूरती की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है.

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ऊटी सड़क मार्ग से

चेन्नई, कोयंबटूर, मैसूर, बैंगलोर, कोच्चि और कालीकट से ऊटी तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. ऊटी जाने के लिए राज्य परिवहन की बसों का उपयोग कर सकते है. इसके साथ-साथ निजी टैक्सियां भी आपको आसानी से मिल जाएंगी. यदि आप अपने वाहन द्वारा रास्ते से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो यात्रा से पहले आप विभिन्न रास्तों की जांच कर लें.

ऊटी हवाई मार्ग से

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ऊटी में घरेलू या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नहीं है. ऊटी का नजदीकी एयरपोर्ट कोयम्बटूर एयरपोर्ट है जो ऊटी से 85 किलोमीटर दूर है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद समेत देश के प्रमुख शहरों से नियमित फ्लाइट्स कोयंम्बटूर आती हैं. एयरपोर्ट से आप टैक्सी, कैब या बस के जरिए महज 2 से 3 घंटे में ऊटी पहुंच सकते हैं.

ऊटी रेल मार्ग से
दक्षिण रेलवे ऊटी को भारत के अन्य भागों से जोड़ता है. ऊटी जाने के लिए नियमित तौर पर रात की ट्रेन उपलब्ध हैं. ऊटी से 40 किलोमीटर दूर स्थित मेट्टूपलयम ऊटी का नजदीकी रेलवे स्टेशन है. चेन्नई, मैसूर, बेंगलुरु समेत कई नजदीकी शहरों से नियमित ट्रेनें मेट्टूपलयम आती हैं.

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मेट्टूपलायम स्टेशन से ट्रेन बदलनी पड़ेगी क्योंकि ऊटी तक केवल मीटर गेज लाइन ही जाती है. वास्तव में नीलगिरी माउन्टेन सर्विस भारत के सबसे पुराने रेलवे ट्रेक में से एक है. आप चाहें तो नीलगिरी माउंटेन टॉय ट्रेन में बैठकर पहाड़ियों, घने जंगलों और घाटियों के बीच से होते हुए भी ऊटी पहुंच सकते हैं.

First Published : 11 May 2019, 01:27:37 PM

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