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अंतरजातीय शादी करने वालों को सरकार देती है पैसा, तो साक्षी की शादी का विरोध क्यों?

ब्राह्मण की लड़की और दलित का लड़का जब एक दूसरे का हाथ थामा तो बवाल मच गया. इंटरकास्ट मैरेज को लेकर सोशल मीडिया समेत मुख्य मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है.

News Nation Bureau | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 13 Jul 2019, 07:53:14 PM
प्रतिकात्मक फोटो

प्रतिकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

इन दिनों एक लव मैरेज का चर्चा बेहद ही तेजी से हो रही है. ब्राह्मण की लड़की और दलित का लड़का जब एक दूसरे का हाथ थामा तो बवाल मच गया. इंटरकास्ट मैरेज को लेकर सोशल मीडिया समेत मुख्य मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है. हालांकि यह हाईप्रोफाइल मामला है, क्योंकि जिस लड़की ने यह कदम उठाया है वो बरेली के बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी हैं. साक्षी दलित से शादी की और आरोप लगाया कि उन्हें मारने की धमकी मिल रही है. लेकिन इंटर कास्ट मैरेज को लेकर बहुत ही कम लोगों को बता होगा कि सरकार खुद इसे बढ़ावा दे रही है. इसके लिए कप्लस को इनाम के तौर पर रुपए भी दे रही है.

केंद्र सरकार अबतक इंटरकास्ट मैरेज करने वाले जोड़ों को इनाम की राशि में कई लाख रुपए दे चुकी है. बीजेपी सरकार इंटरकास्ट मैरिज पर ढाई लाख रुपये दे रही है.

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जातीय भेदभाव को खत्म करने के लिए सरकार अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहित करती है. साल 2018 में लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकतारिता राज्यमंत्री ने बताया था कि पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखता हो तो सरकार ढाई लाख रुपये की मदद देती है.

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साल 2013 में केंद्र सरकार ने इंटर कास्ट मैरेज को लेकर आर्थिक मदद की योजना शुरू की थी. पहले जिनकी आय पांच लाख रुपए थी उन्हें ये लाभ मिलता था. लेकिन दिसंबर 2017 में मोदी सरकार ने इसे बदलते हुए सभी आय वाले लोगों को जोड़ दिया था. ये डॉ. अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज योजना है.

इंटर कास्ट मैरेज करने किसी एक को दलित जाति का होना चाहिए. हर साल इस योजना में 500 अंतरजातीय विवाह वाले जोड़े को इनाम देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. सरकार इस योजना के तहत नवविवाहिता को 2.5 लाख रुपए देते हैं ताकि वो अपनी नई जिंदगी को सही तरीके से शुरू कर सके.

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लेकिन इस योजना में जो लक्ष्य निर्धारित किया गया वो कभी पूरा नहीं हुआ. रिपोर्ट के अनुसार 2014-15 में सिर्फ 5 जोड़ों को ही ये राशि मिल पाई. 2015-16 में केवल 72 लोगों को इसका लाभ मिला. 2016-17 में 45 को ढाई लाख रुपए मिल पाए. वहीं, 2017-18 में 87 कप्लस इस योजना का फायदा उठा सके.

केंद्र सरकार ही नहीं बिहार सरकार और हरियाणा सरकार भी अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कृत किया जाता है. हरियाणा में शगुन योजना की राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये की थी. वहीं बिहार में 1 लाख रुपए दिए जाते हैं.

First Published : 13 Jul 2019, 07:53:14 PM

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