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बच्चों की इन आदतों को माता-पिता कभी न करें Ignore, वरना पड़ेगा भारी

आचार्य चाणक्य ने बच्चों के संस्कार को अधिक महत्व दिया है. चाणक्य ने सही ही कहा है क्योंकि संस्कार ही बच्चों के व्यक्तित्व को निखारता है. माता-पिता को भी अपने व्यस्त जीवन में बच्चों की परवरिश पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

News Nation Bureau | Edited By : Vineeta Mandal | Updated on: 23 Sep 2020, 02:14:56 PM
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parenting (Photo Credit: (सांकेतिक चित्र))

नई दिल्ली:

आज के दौर की हर पीढ़ी अपने करियर को कामयाबी के शिखर तक पहुंचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं. यहां तक उनके पास परिवार के साथ थोड़ी देर बात करने के लिए भी वक्त नहीं है. वहीं अपने बच्चों को अच्छी जिंदगी और उच्च शिक्षा देने के लिए माता-पिता दोनों ऑफिस में अपना समय बिता रहे हैं. लेकिन इन सब के बीच उनके बच्चे अकेले बड़े होने लगते है, जिनके अंदर सही-गलत पहचान करने की समझ नहीं आ पाती है. नतीजन बड़े होने पर वो संस्कारहीन, बिगड़ैल हो जाते है, जो फिर लाख कोशिश के बाद भी ठीक नहीं हो पाते हैं.

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आचार्य चाणक्य ने बच्चों के संस्कार को अधिक महत्व दिया है. चाणक्य ने सही ही कहा है क्योंकि संस्कार ही बच्चों के व्यक्तित्व को निखारता है. माता-पिता को भी अपने व्यस्त जीवन में बच्चों की परवरिश पर विशेष ध्यान देना चाहिए. पैसे कभी भी कमाएं जा सकते हैं लेकिन बच्चों के बचपन को दोबारा वापस नहीं लिया जा सकता है. वहीं चाणक्य नीति में ऐसा कहा गया है कि माता-पिता को अपने बच्चों की इन कुछ गलत आदतों को कभी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए.

इन बातों का रखें ध्यान-

1. अक्सर देखा जाता है कि बच्चे हर बात के लिए न कहते रहते हैं और जिद्द में सिर्फ अपनी बात मनवाते हैं. तो ऐसे में माता-पिता को सावधान हो जाना चाहिए. उनका फर्ज बनता है कि वो बच्चों को प्यार से हर चीज समझाएं, उन्हें बताएं कि क्या सही है और क्या गलत. इसके अलावा बड़ों की बात को ध्यान से सुनने और उन्हें मानने की आदत भी बच्चों में बनाएं. वरना आगे चलकर बच्चे आपका कोई कहना नहीं मानेगा और फिर आपके पास अपने आप को कोसने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.

2. चाणक्य के अनुसार बच्चों को महापुरुषों की कहानियां सुनानी चाहिए क्योंकि बच्चे कहानियों को बड़े ध्यान से सुनते हैं. ऐसे में जब बच्चे महापुरुषों की कहानियां सुनेंगे तो उनके मन में अच्छे विचार आएंगे. वो महापुरुषों के जीवन से प्रेरित होंगे और उनके मार्ग पर चलने की कोशिश करेंगे.

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3. बच्चे बहुत मासूम होते हैं अगर उनमें किसी प्रकार की गलत आदत पनप रही है तो आपको उन्हें प्यार से समझाना चाहिए. नहीं समझ रहे है तो गुस्सा कर लें लेकिन हाथ न उठाएं. माता-पिता को अपने बच्चों की आदतों पर खासतौर से ध्यान देना चाहिए.

4. अगर बच्चे झूठ बोल रहे हैं तो माता-पिता को तुरंत सावधान हो जाना चाहिए. बच्चे सच बोलें इस दिशा में उन्हें लगातार कार्य करना चाहिए.  बच्चों की झूठ बोलने की आदत उन्हें आगे चलकर गलत राह में ले जा सकती है. 

First Published : 23 Sep 2020, 09:54:46 AM

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