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Chanakya Nit: इन कामों में महिलाएं पुरुषों से होती हैं आगे, लेकिन शर्म से नहीं बताती

आज के समय में जब अधिकत्तर लोग कई समस्यों से परेशान रहते हैं. ऐेसे में अगर वो चाणक्य की नीतियों को स्मरण करते हुए उसका अनुसरण करना शुरू कर दें तो जीवन की कई बाधाएं दूर हो जाए.

News Nation Bureau | Edited By : Vineeta Mandal | Updated on: 06 Apr 2021, 12:19:52 PM
chanajya niti

Chanakya Niti (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

आज के समय में जब अधिकत्तर लोग कई समस्यों से परेशान रहते हैं. ऐेसे में अगर वो चाणक्य की नीतियों को स्मरण करते हुए उसका अनुसरण करना शुरू कर दें तो जीवन की कई बाधाएं दूर हो जाए. आचार्य चाणक्य ने अनुभव के जरीए कई विषयों पर अपने विचार लिखें हैं. चाणक्य नीति जीवन की कड़वी सच्चाई है, जो पढ़ने सुनने में अच्छा नहीं लगेगा लेकिन यहीं आज का सच हैं. चाणक्य ने महिलाओं से भी जुड़ी कई बातें लिखी है, जिसे पढ़कर ज्यादातर उन्हें महिला विरोधी मानने लगेंगे. लेकिन उन्होंने महिलाओं से संबधित कई ऐसी बातें भी कही हैं जो ऐसे विचारों को गलत साबित कर देगा. 

स्त्रीणां द्विगुण आहारो लज्जा चापि चतुर्गुणा
साहसं षड्गुणं चैव कामश्चाष्टगुणः स्मृतः

आचार्य चाणक्य ने इस श्लोक के जरीए बताया है कि महिलाओं साहस के मुकाबले में पुरुषों से कही ज्यादा आगे हैं. चाणक्य के मुताबिक, महिलाओं में साहस, भूख, शर्म और काम इच्छा पुरुषों से अधिक होती है. लेकिन महिलाओं अपने संस्कारों के कारण कभी इसको सामने नहीं ला पाती हैं. 

आचार्य चाणक्य के अनुसार, महिलाओं में आहार लेने की क्षमता पुरुष से ज्यादा होती है. हालांकि ये बात उन्होंने महिलाओं की जीवनशैली और उनके कठिन परिश्रम को देखते हुए कही थी. लेकिन आज के समय में महिलाओं की जीवनशैली में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है, जिस कारण अधिकत्तर महिला की आहार क्षमता कम हो गई हैं. 

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वहीं चाणक्य ने इस श्लोक के जरीए ये भी कहा कि महिलाएं साहस के मामले में पुरुषों के मुकाबले बहुत आगे होती हैं. युग कोई भी हो महिलाओं ने समय आने पर हमेश अपने अदम्य साहस का परिचय दिया हैं. महिलाओं ने अपने साहस के बदौलत ही एक कुशल शासक के रूप में सत्ता की जिम्मेदारी को बखूबी तौर पर संभाला हैं. 

इसके अलावा काम इच्छा के मामले में भी महिलाएं पुरुषों से आठ गुणा आगे होती है. हालांकि वो अपने शर्म के कारण अपनी भावनाओं को छिपाकर रखती हैं.  अपने संस्कार की वजह से भी महिलाएं अपने काम इच्छा को जगजाहिर नहीं कर पाती हैं. चाणक्य के मुताबिक, पुरुषों से चार गुणा अधिक शर्म महिलाओं में होती है. यहीं शर्म की वजह से महिलाओं अपनी बातें किसी के सामने नहीं रख पाती हैं. 

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First Published : 06 Apr 2021, 09:43:31 AM

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