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देश में शादियों का 50 अरब डॉलर का बाजार, कोरोना के चलते वेडिंग प्लानर्स ने किया बदलाव

कोरोना वायरस की वजह से जहां एक तरफ शादियों में 50 लोगों के आने की इजाजत दी गई है, वहीं वेडिंग प्लानर्स को भी पैकेज में बदलाव करना पड़ा है.

IANS | Updated on: 14 Jun 2020, 12:56:36 PM
Wedding Planners

50 अरब डॉलर का भारतीय शादी बाजार कोरोना से टूटा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

शादी हर किसी की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण फैसला होता है, जिसकी तैयारी लोग पूरे मन से करते हैं. लोग अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग और वेडिंग प्लानर के साथ मिलकर तैयारियां भी करते हैं. कोरोना वायरस की वजह से जहां एक तरफ शादियों में 50 लोगों के आने की इजाजत दी गई है, वहीं वेडिंग प्लानर्स को भी पैकेज में बदलाव करना पड़ा है. वेडिंग प्लानर्स का कहना है, 'हमें इस स्थिति से निपटने के लिए अपनी कंपनी के पैकेज में बदलाव किया है और शादी में सेनिटाइजेशन को लेकर भी पैकेज तैयार कर रहे हैं.'

दिल्ली में स्थित बीएमपी वेडिंग प्लानर कंपनी के मालिक रघुबीर सिंह ने बताया, 'बहुत से लोगों का कहना है कि कम से कम पैसे में शादी करनी है और ज्यादा डेकोरेशन वगरह नहीं चाहिए. लोगों की इस डिमांड की वजह से हमें ज्यादा दिक्कत होगी, क्योंकि डेकोरेशन और अन्य चीजों से ही वेडिंग प्लानर्स को मुनाफा होता है. जिन शादियों में 200 से 250 लोग जो बाहर से आते हैं, उन्हें वेडिंग प्लानर्स की ज्यादा जरूरत होती है. साथ ही लोगों को डेकोरेशन और गेस्ट्स की अच्छी खातिरदारी करानी होती है.'

उन्होंने कहा, 'हमारे पास शादियों को लेकर नवंबर और दिसंबर की बुकिंग आ रही है. होटल्स वगरह नवंबर-दिसंबर के लिए बुक हो रहे हैं. यही 2 महीनों की उम्मीद बची हुई है, क्योंकि एक शादी से 400- 500 लोग जुड़े होते हैं. इनमें सैलून वाले, कपड़े वाले, ज्वेलरी वाले, बैंड वाले और अन्य लोग शामिल हैं.' उन्होंने बताया, 'खुशी की बात ये है कि जुलाई से अक्टूबर-नवंबर तक सीजन नहीं होता, तो हम इसमें होने वाले नुकसान से बच गए हैं. शादियों का सीजन मार्च, अप्रैल, मई और जून का होता है, जिसमें हमारा मार्च-जून का महीना खराब हो गया.'

रघुबीर ने कहा, 'हमने आखिरी वेडिंग 2 मार्च को कराई थी, फरवरी में काफी वेडिंग हुई थीं. लॉकडाउन में हमने 4 वर्चुअल विवाह यानी ऑनलाइन वेडिंग भी कराई. सरकार के आदेशों के तहत शादियों में 50 लोगों को आने की इजाजत है. जिसकी वजह से लोग अभी काफी कम पैसा खर्च कर रहें हैं.' उन्होंने कहा, 'हमारी इंडस्ट्री की कोई एसोसिएशन नहीं है. कोरोना की वजह से जो बड़े वेडिंग प्लानर्स थे, सिर्फ वही सरवाइव कर पाएंगे. इसके अलावा, जिन्होंने नया काम खोल था, वो बर्बाद हो चुके हैं. अब आने वाले समय मे 30 से 40 फीसदी वेडिंग प्लानर कंपनी बंद हो जाएंगी. नवंबर महीने तक हालात नही सुधरे तो बड़ी कंपनियां भी हिल जायेंगी. हिंदुस्तान में शादियों से एक साल का 40 से 50 अरब डॉलर का मार्केट होता है.'

नोएडा स्थित बॉनवेर वैडिंग प्लानर कंपनी की ओनर मधु ने बताया, 'फिलहाल शादियों को लेकर कोई पूछताछ नहीं कर रहा है और इसी तरह चलता रहा तो वेडिंग इंडस्ट्री मुझे नीचे जाती हुई दिखाई दे रही है, क्योंकि अब शादियों में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं, तो हम भी अपने क्लाइंट्स को बोल रहे हैं कि आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, शादी में पड़ने वाली सभी जरूरत की चीजों की सुविधा घर बैठे उपलब्ध कराएंगे.' उन्होंने कहा, 'लॉकडाउन को देखते हुए हमने कुछ पैकेजे अनाउंस किए हैं, जिसमें हम सेनिटाइजेशन कराएंगे, ब्राइडल मेकअप, मेंहदी फोटोग्राफर, सजावट और डीजे सब कुछ घर पर अरेंज करेंगे, लेकिन इसके बावजूद लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं.'

उन्होंने कहा, डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए हमने दिल्ली में कुछ छोटी प्रॉपर्टीज ढूंढ़ी है, जिसमें 20 से 30 कमरे हों. उन प्रॉपर्टीज को प्रमोट करते हुए कुछ पैकेजे भी तैयार कर रहे हैं, जिसमें 2 दिन की छोटी वेडिंग हो सके और हम गेस्ट्स को प्रोटोकॉल के तहत हर चीज प्रोवाइड करेंगे, लेकिन डेस्टिनेशन वेडिंग को लेकर भी कोई रुचि नहीं दिखा रहा.' उन्होंने बताया, 'हमारे पास सिर्फ 2 शादियों को लेकर पूछताछ हुई है, एक शादी जून के लास्ट में होनी है और दूसरी शादी जुलाई में होनी है, लेकिन अभी क्लाइंट्स ने शादियों को होल्ड पर रख दिया है. हमारी कंपनी ने आखिरी शादी फरवरी लास्ट में ऑर्गनाइज की थी. मार्च महीने में जो शादी होनी थी वो कैंसल हो गई.'

First Published : 14 Jun 2020, 12:56:36 PM

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