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Fake Herbal Colors
Holi 2026 Colors Tips: होलिका दहन के साथ ही होली के जश्न की शुरुआत हो जाती है. साल 2026 में होली 4 मार्च को मनाई जाएगी. यह पर्व सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा धार्मिक और सामाजिक महत्व भी है.
होलिका दहन के अगले दिन लोग घरों में तरह-तरह के पकवान बनाते हैं. मेहमानों का स्वागत किया जाता है. एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशी साझा की जाती है. यही वजह है कि होली को मेल-जोल और प्रेम का त्योहार कहा जाता है.
हर्बल रंगों पर क्यों उठते हैं सवाल?
मार्केट में होली के लिए रंगों की भरमार होती है. हर साल कई लोग हर्बल या नेचुरल कलर खरीदते हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई ये रंग सुरक्षित होते हैं? कई रिसर्च में सामने आया है कि हर्बल कलर के नाम पर केमिकल मिले रंग बेचे जा रहे हैं. ये रंग स्किन और सेहत दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं कैसे करें असली और नकली रंगों की पहचान?
रंगों में मिलावट पर रिसर्च क्या कहती है?
रिसर्च के अनुसार आजकल होली के रंगों में खतरनाक केमिकल और हैवी मेटल्स की मिलावट की जाती है. इनमें लेड जैसे तत्व पाए गए हैं, जो स्किन एलर्जी, आंखों में जलन और सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. पहले रंग फूलों को सुखाकर बनाए जाते थे, लेकिन अब बड़े पैमाने पर उत्पादन के कारण सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल बढ़ गया है.
खुले में बिकने वाले रंग ज्यादा खतरनाक
कई जगह हर्बल कलर खुले में बेचे जाते हैं. दुकानदारों को भी नहीं पता होता कि ये रंग कहां बने हैं. न तो इन पर एमआरपी होती है और न ही सामग्री की जानकारी. ज्यादा मुनाफे के चक्कर में मिलावटी रंगों की बिक्री बढ़ गई है.
हर्बल कलर में मिलावट कैसे पहचानें?
चमक से पहचान करें
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर गुलाल या रंग जरूरत से ज्यादा चमकदार है, तो उसमें मिलावट हो सकती है. नेचुरल रंग हल्के और मटमैले होते हैं. ज्यादा चमक एल्युमिनियम या कांच के चूरे की ओर इशारा करती है, जो स्किन को काट सकता है.
खुशबू से जांचें
असली हर्बल गुलाल में या तो कोई गंध नहीं होती या हल्की फूलों की खुशबू आती है. केमिकल वाले रंगों में पेट्रोल या तेज रसायन जैसी बदबू आती है. ऐसे रंग सांस की परेशानी भी बढ़ा सकते हैं.
पानी में डालकर टेस्ट करें
एक गिलास पानी लें और उसमें थोड़ा सा रंग डालें. शुद्ध रंग पानी में घुल जाता है. मिलावटी रंग या तो ऊपर तैरने लगता है या नीचे बैठ जाता है. अगर पानी में कण दिखें, तो रंग सुरक्षित नहीं है.
रंग खरीदते समय रखें ये सावधानियां
एक्सपर्ट के अनुसार, हमेशा पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़ें. उस पर नेचुरल, ऑर्गेनिक या इको-फ्रेंडली लिखा होना चाहिए. बहुत गहरे और डार्क रंगों से बचें. बच्चों और संवेदनशील स्किन वालों के लिए हल्के रंग ही चुनें.
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