जटामांसी: बालों का झड़ना रोकने और ग्रोथ बढ़ाने की आयुर्वेदिक औषधि, जानिए फायदे

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जटामांसी: बालों का झड़ना रोकने और ग्रोथ बढ़ाने की आयुर्वेदिक औषधि, जानिए फायदे

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IANS
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जटामांसी: बालों का झड़ना रोकने और ग्रोथ बढ़ाने की आयुर्वेदिक औषधि, जानिए फायदे

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, गलत खान-पान और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के कारण बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं, ऐसे में जटामांसी एक प्राकृतिक समाधान के रूप में सामने आती है। यह बालों की जड़ों को पोषण देकर उन्हें मज़बूत बनाती है और हेयर फॉल को धीरे-धीरे कम करने में मदद करती है।

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जटामांसी आयुर्वेद की एक बेहद प्रभावशाली जड़ी-बूटी है। यह हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती है और इसकी जड़ औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। पुराने समय से ही जटामांसी का इस्तेमाल बालों के झड़ने, रूसी और कमजोर बालों की समस्याओं में किया जाता रहा है।

जटामांसी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह स्कैल्प में रक्त संचार को बेहतर बनाती है। जब सिर की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है तो बालों के रोमछिद्रों तक जरूरी पोषक तत्व आसानी से पहुंचते हैं, जिससे नए बाल उगने की प्रक्रिया तेज होती है। यही कारण है कि जटामांसी को हेयर ग्रोथ बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है। इसके अलावा, यह वात दोष को संतुलित करती है जो आयुर्वेद के अनुसार बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण होता है। नियमित उपयोग से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और टूटना कम होता है।

रूसी, खुजली और स्कैल्प की जलन से परेशान लोगों के लिए भी जटामांसी बहुत फायदेमंद है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-फंगल गुण स्कैल्प को शांत करते हैं और रूसी की समस्या को धीरे-धीरे खत्म करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बालों को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं, जिससे समय से पहले बालों का सफेद होना कम हो सकता है। यह बालों के तंतुओं को मजबूती देता है, दोमुंहे बालों की समस्या घटाता है और बालों में प्राकृतिक चमक लाता है।

जटामांसी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। इसके तेल को नारियल या तिल के तेल में मिलाकर हफ्ते में दो-तीन बार स्कैल्प पर मालिश करना बेहद लाभकारी होता है। वहीं जटामांसी पाउडर को दही या पानी में मिलाकर हेयर मास्क की तरह लगाया जा सकता है।

हालांकि इसका अत्यधिक या गलत इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए बेहतर है कि इसका उपयोग सीमित मात्रा में और किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह से किया जाए।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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