कौन है आसिया अंद्राबी, जिसे दिल्ली की अदालत ने UAPA के तहत ठहराया दोषी

Asiya Andrabi Case: दिल्ली की विशेष अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को UAPA के तहत दोषी करार दिया है. सजा पर फैसला 17 जनवरी को होगा.

Asiya Andrabi Case: दिल्ली की विशेष अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को UAPA के तहत दोषी करार दिया है. सजा पर फैसला 17 जनवरी को होगा.

author-image
Yashodhan Sharma
New Update
Asiya Andrabi Case

Asiya Andrabi Case

Asiya Andrabi Case: देश की सुरक्षा से जुड़े एक अहम मामले में दिल्ली की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है. कश्मीरी अलगाववादी नेता और प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) के तहत दोषी ठहराया गया है. यह फैसला बुधवार को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने सुनाया, जिसके बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है.

Advertisment

इन धाराओं में दोषी करार

दिल्ली की विशेष अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत पर्याप्त, ठोस और भरोसेमंद हैं. अदालत ने आसिया अंद्राबी को UAPA की धारा 18 के तहत आपराधिक साजिश रचने और धारा 38 के तहत आतंकवादी संगठन की सदस्यता से जुड़े अपराध में दोषी पाया है. कोर्ट ने माना कि आरोपी की गतिविधियां देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा थीं.

कब होगा अंतिम निर्णय

हालांकि, अदालत ने सजा की अवधि पर फैसला सुरक्षित रखा है. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दोष सिद्ध होने के बाद सजा पर अंतिम निर्णय 17 जनवरी को सुनाया जाएगा. ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत इस मामले में कितनी कड़ी सजा तय करती है.

क्या है पूरा मामला

इस केस में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने आसिया अंद्राबी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे. NIA के मुताबिक, अंद्राबी और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले भाषण दिए, भारत विरोधी माहौल बनाने की कोशिश की और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दिया. जांच एजेंसी का दावा है कि ये सभी गतिविधियां सुनियोजित थीं और इनका मकसद देश के खिलाफ माहौल तैयार करना था.

कौन है आसिया अंद्राबी

आसिया अंद्राबी का नाम लंबे समय से कश्मीर की अलगाववादी राजनीति से जुड़ा रहा है. अंद्राबी ने वर्ष 1987 में महिलाओं के अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की स्थापना की थी. इस संगठन का उद्देश्य कश्मीर में इस्लामिक कानून लागू करना और भारत से अलगाव को बढ़ावा देना बताया जाता रहा है. बाद में इस संगठन को UAPA के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था.

2018 से अदालत में लंबित था मामला

बता दें कि आसिया अंद्राबी को पहली बार अगस्त 2010 में देश विरोधी गतिविधियों और हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद अप्रैल 2018 में जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेटवर्क के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई के दौरान उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया. तभी से यह मामला अदालत में लंबित था, जिसमें अब जाकर फैसला आया है.

यह भी पढ़ें: अमेरिकी अदालत ने ड्रग्स तस्करी के दोषी संदीप सिंह की याचिका को खारिज किया

delhi asiya andrabi
Advertisment