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'ज्ञान की खोज हमारे डीएनए में है', IIIT दिल्ली टेक फेस्ट पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया, भारत को विश्वगुरु बनाने का किया आह्वान Photograph: (X)
शुक्रवार 29 अगस्त को आईआईआईटी दिल्ली के टेक फेस्ट ESYA पहुंचे केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवाओं से भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया. साथ ही उन्होंने युवाओं से भारत के अगले अध्याय का निर्माता बनने के लिए भी कहा.
इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय के इतिहास पर भी बात की. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को तीन मंत्र भी दिए. जिसकी मदद से वह भारत के विकास में सहायक बन सकते हैं.
"ज्ञान की खोज हमारे डीएनए में है"
केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने IIIT-दिल्ली के टेक फेस्ट ESYA को संबोधित करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय के इतिहास को लेकर कहा, "शून्य के आविष्कार से लेकर आयुर्विज्ञान और शल्य चिकित्सा की प्रगति तक, नालंदा और तक्षशिला जैसी विश्वविद्यालयों तक, ज्ञान की यह खोज हमारे डीएनए में है। हार्वर्ड की सबसे बड़ी लाइब्रेरी भी नालंदा के सामने छोटी लगती है। वह चिंगारी आज भी हमारे भीतर जीवित है।"
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जिम्मेदार एआई बनना है लक्ष्य
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस आयोजन को सपनों को हकीकत बनाने का लॉन्चपैड बताया. साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वह विकास के नए-नए रास्ते तलाश करें. उनका कहना था कि देश के युवाओं के भीतर अब विश्व का नेतृत्व करने की भी क्षमता है. सिंधिया ने AI का जिक्र करते हुए कहा कि लक्ष्य केवल एआई नहीं बल्कि जिम्मेदार एआई बनना है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेलीकॉम टेक्नॉलोजी डेवलपमेंट फंड के तहत 120 से अधिक भविष्य की परियोजनाओं में निवेश किया जा चुका है, जिनमें क्वांटम कंप्यूटिंग, टेराहर्ट्ज़ कम्युनिकेशन, बायो-नैनो सिस्टम्स, स्वदेशी चिपसेट और एन्क्रिप्टेड राउटर्स शामिल हैं।
युवाओं के साथ साझा किए 3 मंत्र
आईआईआईटी दिल्ली के टेक फेस्ट ESYA को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवाओं के साथ 3 मंत्र भी साझा किए. उन्होंने कहा कि एक युवा को साहसी होना चाहिए. उसे अपनी जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए व भारत के निर्माण में सहायता करनी चाहिए. उनका कहना था कि जो छात्र विदेश जाकर बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में काम करते हैं, उन्हें देश में आकर भारत की तरक्की के लिए काम करना चाहिए.
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