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Supreme Court (ANI)
पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख एक सप्ताह बढ़ा दी है. हालांकि, इससे पहले कोर्ट ने बंगाल एसआईआर मामले की सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग, बंगाल सीएम ममता बनर्जी और केंद्र सरकार की दलीलें सुनीं. कोर्ट ने कई तल्ख सवाल भी किए. चुनाव आयोग ने दलील दी कि उन्हें एसआईआर के लिए सक्षम अधिकारी नहीं मिले. केंद्र सरकार ने कहा कि ऐसा संदेश जाएगा कि संविधान सभी राज्यों में समान रूप से लागू होगा.
चीफ जस्टिस ने दिए ये अंतरिम आदेश
सुनवाई के बाद, सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि पश्चिम बंगाल एसआईआर प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए और जताई गई चिंताओं का ध्यान रखने के लिए हम ये अंतरिम आदेश जारी करते हैं.
- पश्चिम बंगाल राज्य ये सुनिश्चित करे कि सभी 5,555 ग्रुप बी के अधिकारी, शाम पांच बजे तक जिला चुनाव अधिकारियों को रिपोर्ट करें.
- चुनाव आयोग के पास मौजूद ERO, AERO को बदलने और योग्य पाए जाने पर अधिकारियों की सेवाओं का इस्तेमाल करने का अधिकार होगा.
- माइक्रो ऑब्जर्वर या राज्य सरकार के अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी सिर्फ ERO की सहायता करना होगी, क्योंकि अंतिम निर्णय ERO का ही होगा.
एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए
अदालत ने कहा कि चूंकि सरकारी अधिकारियों का एक नया समूह शामिल किया गया है. इसलिए प्रभावित व्यक्तियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजोें की जांच प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है. मामले में सीजेआई ने कहा कि हम निर्देश देते हैं कि ईआरओ को जांच पूरी करने और निर्णय लेने के लिए 14 फरवरी के बाद एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए.
कई याचिकाओं की सुनवाई
अदालत में ममता बनर्जी की याचिका के साथ-साथ टीएमसी सांसद डोला सेन और डेरेक ओ-ब्रायन की याचिका पर भी सुनवाई हुई. दलीलों में तरतीब और तालमेल न होने की वजह से चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि सबके एक साथ बोलने और एक-दूसरे की बात काटने की वजह से तो सुनवाई मुश्किल हो जाएगी. उन्होंने कहा कि आप अनाज मंडी में बैठे हैं या फिर कोर्ट नंबर-1 में. उन्होंने कहा कि अगर एक-एक करके आप नहीं बोलेंगे तो निकाल देंगे.
ममता बनर्जी की मांगो को ठुकराया
अदालत ने नई व्यवस्था लागू करने के लिए समय तो दे दिया लेकिन अदालत ने ममता बनर्जी की भी कई मांगों को खारिज कर दिया. उन्होंने बंगाल के पुलिस चीफ को नोटिस भी जारी कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया कि एसआईआर पर किसी भी प्रकार से रोक नहीं लगेगी. किसी भी राज्य को इसमें बाधा डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी. चुनावी अधिकारियों की सुरक्षा को भी सीजेआई ने सख्त रूप अपनाया. उन्होंने बंगाल डीजीपी को नोटिस जारी किया है.
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