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Telangana Flood: देशभर के कई इलाकों में इन दिनों जोरदार बारिश और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. क्या पहाड़ क्या मैदान हर तरफ मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. इस बीच देश के दक्षिण राज्य तेलंगाना में तस्वीरें डराने वाली हैं. कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. राजन्ना सिरसिला, मेडक और कामारेड्डी जैसे जिले बाढ़ की चपेट में हैं. लेकिन इस आपदा के बीच बहादुरी, संघर्ष और उम्मीद के किस्से भी सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक मामले देखने को मिला है जब मां की पुकार ने बाढ़ में बहे बेटे को जिंदा लौटा दिया. आइए जानते हैं पूरा मामला.
राजन्ना सिरसिला, मां की पुकार और बेटे की जिंदगी
राजन्ना सिरसिला जिले में मूसलाधार बारिश के चलते आई बाढ़ में एक युवक जंगम स्वामी फंस गया. जब उसकी मां को इसका पता चला तो उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई और कहा कि अगर मुश्किल समय में सरकार मदद नहीं करती तो फिर वोट देने का क्या मतलब है? उनकी भावुक अपील ने अधिकारियों को झकझोर दिया.
करीब 30 घंटे के कठिन प्रयासों के बाद भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से जंगम स्वामी को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इस अद्वितीय रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मां और बेटे की भावनात्मक मुलाकात ने सभी की आंखें नम कर दीं. जंगम स्वामी ने कहा, "इन जवानों ने मुझे नया जीवन दिया है."
मेडक की मिशन 'नाइट्स इन फ्लोरोसेंट ऑरेंज'
तेलंगाना के मेडक जिले से एक और दिल छू लेने वाली घटना सामने आई. बाढ़ के बीच एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी. इलाके में पानी भरा हुआ था और मेडिकल सहायता तुरंत जरूरी थी. ऐसे में प्रशासन ने 'नाइट्स इन फ्लोरोसेंट ऑरेंज' नाम से एक विशेष अभियान चलाया.
सुरक्षाबलों ने पूरी सावधानी और समर्पण के साथ महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया. यह मिशन न केवल प्रशासन की तत्परता को दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आपदा के समय हर जान की कीमत बराबर होती है.
कामारेड्डी में पुलिस ने दिखाया साहस
कामारेड्डी जिला पिछले 50 वर्षों की सबसे भारी बारिश से जूझ रहा है. यहां बाढ़ में फंसे कम से कम 10 लोगों को पुलिस ने रस्सियों के सहारे जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाला. पानी का तेज बहाव और संसाधनों की कमी के बावजूद पुलिस की तत्परता ने कई जानें बचा लीं.
आपदा में भी उम्मीद की रौशनी
तेलंगाना में आई इस प्राकृतिक आपदा ने जहां लोगों की ज़िंदगी को चुनौती दी, वहीं इंसानियत, प्रशासनिक तत्परता और सुरक्षा बलों के समर्पण ने साबित कर दिया कि संकट में भी संवेदनशीलता और साहस से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है.
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