दिल्ली-NCR में स्मॉग सीजन की दस्तक, Air quality खराब, लागू हुआ GRAP-1

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने पर GRAP का पहला चरण लागू किया गया. जून के बाद पहली बार राजधानी की हवा इतनी प्रदूषित हुई. निर्माण कार्यों पर रोक और सड़कों पर पानी छिड़काव जैसे कदम उठाए गए हैं.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने पर GRAP का पहला चरण लागू किया गया. जून के बाद पहली बार राजधानी की हवा इतनी प्रदूषित हुई. निर्माण कार्यों पर रोक और सड़कों पर पानी छिड़काव जैसे कदम उठाए गए हैं.

author-image
Ravi Prashant
एडिट
New Update
delhi air pollution

दिल्ली प्रदूषण Photograph: (ANI)

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है. हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचते ही मंगलवार से प्रशासन ने Graded Response Action Plan (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली और आसपास के इलाकों की बढ़ती प्रदूषण स्थिति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया. मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 211 दर्ज किया गया, जो poor श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है.

Advertisment

124 दिनों बाद दिल्ली की हवा फिर ‘खराब’

मंगलवार सुबह दिल्ली का AQI 201 तक पहुंच गया. यह जून 11 के बाद पहली बार है जब राजधानी की हवा poor कैटेगरी में गई है. जून में आखिरी बार AQI 245 दर्ज किया गया था. तब से लेकर अब तक दिल्ली ने लगातार 124 दिन अपेक्षाकृत साफ हवा में गुजारे थे, जिनमें 77 दिन satisfactory और 47 दिन moderate श्रेणी के रहे. लेकिन अब मानसून की विदाई, तापमान में गिरावट और पराली जलाने के मौसम की शुरुआत के साथ राजधानी में स्मॉग सीजन की वापसी हो चुकी है.

क्या है GRAP स्टेज-1

GRAP यानी Graded Response Action Plan राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए चार चरणों में लागू किया जाता है। फिलहाल “स्टेज-1” लागू किया गया है, जिसमें कई सख्त एहतियाती कदम उठाए जाते हैं:

  • निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर रोक, जहाँ से धूल फैलती है.
  • सड़कों पर मशीनी सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाएगा.
  • खुले में कचरा या पत्तियां जलाने पर प्रतिबंध रहेगा.
  • औद्योगिक उत्सर्जन पर निगरानी और सख्त नियंत्रण लागू किया जाएगा.

मौसम विभाग का अनुमान

अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (EWS) के अनुसार, 14 से 16 अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता “poor” श्रेणी में ही रहने की संभावना है. अगले छह दिनों में प्रदूषण का स्तर poor और very poor के बीच उतार-चढ़ाव दिखा सकता है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें और सुबह-शाम खुले में व्यायाम या लंबी सैर से बचें, क्योंकि इन घंटों में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह राजधानी के लिए चेतावनी का संकेत है. अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले हफ्तों में दिल्ली फिर गंभीर वायु प्रदूषण की गिरफ्त में आ सकती है.

ये भी पढ़ें- डब्ल्यूएचओ ने भारत की तीन सिरप को बताया खतरनाक, बच्चों की मौत के बाद मचा हड़कंप

Delhi NCR Air Pollution Delhi NCR Air Pollution in Delhi ncr GRAP-4 air quality of delhi ncr air quality delhi ncr air pollution delhidelhi ncr
Advertisment