Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमाला सोना चोरी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 3 राज्यों के 21 ठिकानों पर की गई छापेमारी

Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमाला सोना चोरी मामले में जांच तेज हो गई है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है, जिससे विवाद और गहरा गया है.

Sabarimala Gold Theft Case: सबरीमाला सोना चोरी मामले में जांच तेज हो गई है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है, जिससे विवाद और गहरा गया है.

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Deepak Kumar
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Sabarimala Gold Theft Case:केरल के पवित्र सबरीमाला अयप्पा मंदिर से जुड़ा सोना चोरी का मामला अब बड़े राजनीतिक और धार्मिक विवाद में बदल गया है. मंदिर में द्वारपालक की मूर्तियों और अन्य पवित्र संरचनाओं पर चढ़ाए गए सोने की परत में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले में सक्रिय हो गया है.

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3 राज्यों में छापेमारी

बता दें कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज करते हुए केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में एक साथ करीब 21 जगहों पर छापेमारी शुरू की है. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है. इससे पहले केरल पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस मामले में केस दर्ज किया था.

यह छापेमारी ऐसे समय में हो रही है, जब केरल हाई कोर्ट की निगरानी में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पहले से ही मंदिर से सोने की कथित हेराफेरी की आपराधिक जांच कर रही है. अब तक एसआईटी इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें मंदिर के मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदारारू राजीवारू भी शामिल हैं. सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.

मुख्य आरोपी के ठिकानों पर भी पड़ा छापा

सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार से जुड़े ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई चल रही है. इस पूरे मामले को लेकर केरल विधानसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ था और सरकार, देवस्वोम बोर्ड तथा विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी.

SIT करेगी जांच

हाई कोर्ट की अनुमति से एसआईटी की एक टीम सबरीमाला मंदिर के सन्निधानम पहुंच चुकी है. टीम वहां सोने की चादरों की मात्रा मापेगी और सैंपल लेकर जांच करेगी. यह जांच द्वारपालक देवताओं की मूर्तियों, श्रीकोविल के दरवाजों और अन्य पवित्र कलाकृतियों से जुड़े सोने के कथित नुकसान पर केंद्रित है.

क्या है विवाद?

यह विवाद 1998 में दान किए गए 30.3 किलो सोने और 1,900 किलो तांबे से जुड़ा है, जिसे उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर के लिए दान किया था. हाई कोर्ट की समीक्षा में जब सोने की परत का वजन कम पाया गया, तब चोरी और भ्रष्टाचार का शक गहराया. जांच को चार चरणों में बांटा गया है, जिसमें सोने की परत चढ़ाने, हटाने और उससे जुड़े लेन-देन की विस्तार से जांच की जा रही है.

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