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Republic Day alert Photograph: (ANI)
Republic Day 2026: 26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है. साल 2026 में भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है. इस बार का आयोजन पहले से कहीं ज्यादा खास और ऐतिहासिक होने वाला है. वजह है- राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होना और गणतंत्र दिवस समारोह में कई नए प्रयोग. साथ ही इस बार कर्तव्य पथ पर सिर्फ भारत की सैन्य ताकत ही नहीं दिखेगी, बल्कि देश की संस्कृति, इतिहास, नारी शक्ति और आम जनता की भागीदारी भी खास रूप से नजर आएगी. तो आइए यहां जानते हैं ये गणतंत्र दिवस क्यों खास होने वाला है.
इस बार के मुख्य अतिथि कौन हैं?
गणतंत्र दिवस 2026 में भारत ने कूटनीति के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है. इस साल पहली बार दो मुख्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. ये दोनों यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता हैं- यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा. यह आमंत्रण भारत और यूरोपीय संघ के मजबूत होते रिश्तों और बढ़ते वैश्विक सहयोग को दर्शाता है. शनिवार (24 जनवरी) शाम को ये दोनों भारत पहुंच चुके हैं.
क्या है गणतंत्र दिवस 2026 की थीम?
इस बार गणतंत्र दिवस की थीम बेहद ऐतिहासिक है. सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने को केंद्र में रखा है. पूरे कर्तव्य पथ पर इस राष्ट्रगीत की झलक देखने को मिलेगी. झांकियों, सजावट और यहां तक कि टिकटों के डिजाइन में भी बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ को सम्मान दिया जाएगा.
A total of 30 tableaux - 17 of States/Union Territories and 13 of Ministries/Departments/Services - will roll down the Kartavya Path in New Delhi during the 77th Republic Day parade on January 26, 2026. With a broad theme of ‘Swatantrata ka Mantra: Vande Mataram’ and ‘Samriddhi… pic.twitter.com/tqEwENLwSh
— ANI (@ANI) January 22, 2026
इस बार क्या होगा खास?
आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस 2026 में कुल 30 झांकियां निकलेंगी, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 विभिन्न मंत्रालयों की झांकियां शामिल होंगी.
कर्तव्य पथ की परेड में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी वंदे मातरम मुख्य थीम रहेगा, जिसमें 2500 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं. इस थीम का संगीत मशूहर संगीतकार एम एम कीरवानी ने दिया है.
परेड में कुल 6050 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. सेना की ओर से बैक्ट्रियन ऊंट (दो कूबड़ वाले ऊंट), जांस्कर पोनी (लद्दाख के घोड़े) और रैप्टर्स (शिकारी पक्षियों) का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा.
‘ड्रोन शक्ति’ और आधुनिक हथियारों के साथ महिला सैनिकों की मजबूत भागीदारी भी देखने को मिलेगी.
परेड के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' को भी एक स्पेशल ट्रिब्यूट दिया जाएगा.
वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 और तेजस जैसे लड़ाकू विमान फ्लाईपास्ट में आसमान में शौर्य दिखाएंगे.
इस बार VIP कल्चर को खत्म कर दिया गया है. दर्शकों के बैठने की जगहों के नाम अब नदियों जैसे गंगा, यमुना और कावेरी के नाम पर रखे गए हैं. करीब 10 हजार आम नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया है.
S-400 system to feature for first time in Department of Military Affairs tableau at Republic Day Parade 2026
— ANI Digital (@ani_digital) January 23, 2026
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गणतंत्र दिवस से जुड़े जरूरी तथ्य
भारत का पहला गणतंत्र दिवस समारोह नई दिल्ली के इर्विन स्टेडियम, यानी आज के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में हुआ था.
गणतंत्र दिवस के लिए 26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में इसी दिन ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा हुई थी. इस घोषणा का मकसद ब्रिटिश शासन से पूरी तरह आजादी पाना था.
भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर की सबसे अहम भूमिका रही, इसलिए उन्हें संविधान का मुख्य वास्तुकार कहा जाता है.
गणतंत्र दिवस देश के नायकों और प्रतिभाओं को सम्मानित करने का भी दिन है. राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार (बहादुर बच्चों के लिए) और कला, साहित्य, विज्ञान, खेल और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले लोगों के लिए प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा भी इसी दिन होती है. इन पुरस्कारों को बाद में भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाता है.
29 जनवरी को होने वाली ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी के साथ यह भव्य उत्सव समाप्त होगा. गणतंत्र दिवस 2026 न सिर्फ एक समारोह होगा, बल्कि आत्मनिर्भर, समावेशी और मजबूत भारत की झलक भी पेश करेगा.
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