/newsnation/media/media_files/2026/01/11/pm-modi-2026-01-11-12-23-32.jpg)
pm modi (ANI)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सोमनाथ मंदिर स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए. वे 108 अश्वों के साथ निकाली गई शौर्य यात्रा में शामिल हुए. यह शोभा यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले ऐसे योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लक्ष्य को लेकर निकाली गई थी. इसे शौर्य, साहस और बलिदान का प्रतीक बताया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के साथ एक जनसभा को संबोधित किया.
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व करोड़ों-करोड़ भारतीयों की शाश्वत आस्था, साधना और अटूट संकल्प का जीवंत प्रतिबिंब है। पवित्र श्री सोमनाथ मंदिर में इस महापर्व का सहभागी बनना मेरे जीवन का अविस्मरणीय और अमूल्य क्षण है।#SomnathSwabhimanParv
— Narendra Modi (@narendramodi) January 11, 2026
https://t.co/q3UHrNzTzt
कोने-कोने से लाखों लोग जुड़े: मोदी
पीएम मोदी ने शौर्य सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह इसे बड़े सौभाग्य मान रहे हैं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला. आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग उनके साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ.ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है, ये उत्सव अद्भुत है. एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की ये गूंज, आस्था का ये उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को भव्य और दिव्य बना रही है. प्रधानमंत्री ने कहा, 'गजनी से औरंगजेब तक अतीत में हो गए दफन, मगर सोमनाथ वहीं खड़ा'
आत्मीयता है और देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को लेकर कहा, इस आयोजन पर गर्व है, गरिमा है, गौरव है और इसमें गरिमा का ज्ञान भी है. इसमें वैभव की विरासत है, इसमें अध्यात्म की अनुभूति है, अनुभूति है, आनंद है, आत्मीयता है और देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद है. शिव पूरे जगत में व्याप्त हैं, हम कण-कण में भगवान शंकर को देखते हैं.
72 घंटों का अनवरत मंत्रोच्चार: मोदी
पीएम मोदी ने कहा, '72 घंटों तक अनवरत ओंकार नाद, 72 घंटों का अनवरत मंत्रोच्चार. मैंने देखा, कल रात एक हजार ड्रोन की ओर से वैदिक गुरुकुलों के 1000 विद्यार्थियों की उपस्थिति, सोमनाथ के 1000 वर्षों की गाथा का प्रदर्शन करते हैं. आज 108 अश्वों के साथ मंदिर तक शौर्य यात्रा, मंत्रों और भजनों की अद्भुत प्रस्तुति है. सब कुछ मंत्र-मुग्ध कर देने वाला है. इस शब्दों मे अभिव्यक्त करना संभव नहीं है. इसे वक्त ही संकलित कर सकता है.'
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us