पीएम मोदी ने AI के लिए MANAV विजन पेश किया, कहा- इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नई इंडस्ट्री के बढ़ने का बड़ा मौका

भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में पीएम मोदी ने कहा कि यह MANAV विजन 21वीं सदी की AI-आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा.

भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में पीएम मोदी ने कहा कि यह MANAV विजन 21वीं सदी की AI-आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा.

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Mohit Saxena
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pm modi

pm modi (ANI)

भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit 2026) में पीएम मोदी ने एआई को लेकर देश का विजन सामने रखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में मैं एआई के लिए MANAV विजन पेश कर रहा हूं. इसमें मानव का अर्थ है मानवीय और मानव विजन कहता है कि एम-नैतिक और नीतिपरक प्रणालियां: एआई नैतिक मार्गदर्शन पर आधारित होना चाहिए. ए- जवाबदेह शासन का अर्थ है पारदर्शी नियम, सशक्त निगरानी; एन- राष्ट्रीय संप्रभुता का अर्थ है जिसका डेटा, उसका अधिकार. ए- सुलभ और समावेशी का अर्थ है कि एआई एकाधिकार नहीं, बल्कि गुणक होना चाहिए. वी-वैध और कानूनी का अर्थ है कि एआई विधिवत और सत्यापन योग्य होना चाहिए. भारत का यह मानव विजन 21वीं सदी की एआई-आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा."

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क्रिएटिव रोल निभाने में मदद करेगा

नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "हम एक ऐसे दौर में जा रहे हैं, जहां इंसान और डिजिटल इंटेलिजेंस मिलकर आगे बढेंगे. यह हमारे सिस्टम को अधिक स्मार्ट, अधिक कुशल और अधिक असरदार बनाएगा. यह लोगों को क्रिएटिव रोल निभाने में मदद करेगा. यह इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नई इंडस्ट्री के बढ़ने का बड़ा मौका है."

हमें अपने विजन को बेहतर बनना होगा

एआई समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा,"एआई मशीनों को अधिक होशियार बना रही हैं, मगर उससे भी ज्यादा  मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ावा मिल रहा है. अंतर सिर्फ एक है कि इस बार रफ्तार काफी तेज है. इसके साथ स्केल भी अप्रत्याशित है. पहले टेक्नोलॉजी का इंपैक्ट देखने में दशकों लगता था. मगर आज मशीन लर्निंग का सफर तेज से बढ़ रहा है. हमें अपने विजन को बेहतर बनना होगा. इसके साथ जिम्मेदारी भी निभानी है. हमें इस बात की भी चिंता करनी चाहिए कि आने वाली पीढ़ी का हाथों में हम क्या स्वरूप सौंपकर जाने वाले हैं." उन्होंने कहा कि  सवाल यह है कि वर्तमान में हम एआई के साथ क्या करेंगे. इस तरह के प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. 

विकास की रफ्तार को बदला 

सबसे सशक्त उदाहरण हैं- न्यूक्लियर पावर, हमने उसका दोनों पहलू देख लिया है. उन्होंने कहा कि AI के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट न बन लाए. इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इंसानी इतिहास में कई ऐसे मोड़ आए हैं, जिन्होंने सदियों को बदल दिया. इन मोड़ों ने सभ्यता की दिशा को तय किया. विकास की रफ्तार को बदला है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतिहास में ऐसा एक बदलाव है. AI मशीनों को इंटेलिजेंट बनाने में लगा है. इसके साथ ही, यह इंसानी काबिलियत को कई गुना बढ़ाने का प्रयास कर रहा है."

ai impact summit 2026
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