कल से शुरू हो रहा AI का महाकुंभ, पीएम मोदी देंगे डिजिटल इंडिया को नई रफ्तार, डेटा सेंटर्स से खुलेगा नौकरियों का पिटारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India AI Impact Summit 2026 से पहले भारत को वैश्विक डेटा सेंटर और AI पावरहाउस बनाने का लक्ष्य रखा है. सरकार की नई नीतियों और भारी विदेशी निवेश के दम पर भारत अब केवल डेटा का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि उसे सहेजने और प्रोसेस करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India AI Impact Summit 2026 से पहले भारत को वैश्विक डेटा सेंटर और AI पावरहाउस बनाने का लक्ष्य रखा है. सरकार की नई नीतियों और भारी विदेशी निवेश के दम पर भारत अब केवल डेटा का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि उसे सहेजने और प्रोसेस करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है.

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Ravi Prashant
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एआई समिट 2026 Photograph: (ANI)

नई दिल्ली में 16 फरवरी से शुरू हो रहे India AI Impact Summit 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बहुत ही सकारात्मक संदेश दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि भारत अब केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया का 'डेटा घर' बनेगा. पीएम के मुताबिक, देश में जिस तेजी से डेटा सेंटर बन रहे हैं, उससे आने वाले समय में युवाओं के लिए नौकरियों की बाढ़ आने वाली है. प्रधानमंत्री सोमवार को India AI Impact Expo 2026 की शुरुआत भी करेंगे. उन्होंने एक बातचीत में भरोसा जताया कि भारत अपनी कंप्यूटर पावर और डेटा के दम पर दुनिया का सबसे मजबूत AI ढांचा तैयार कर रहा है.

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डेटा सेंटर्स की बढ़ती ताकत

आंकड़ों की मानें तो 2025 के खत्म होने तक भारत के 7 बड़े शहरों में डेटा रखने की क्षमता 1.5 गीगावाट तक पहुंच गई है. उम्मीद है कि इस साल के आखिर तक यह 1.7 गीगावाट के पार निकल जाएगी. जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ मशीनों का कमरा नहीं है, बल्कि भारत की 'डिजिटल रीढ़' है, जो हमें ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगी.

विदेशी कंपनियों को टैक्स में बड़ी छूट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में डेटा सेक्टर के लिए खजाना खोल दिया है. जो विदेशी कंपनियां भारत में डेटा सेंटर बनाकर दुनिया को अपनी सेवाएं देंगी, उन्हें 2047 तक टैक्स में भारी छूट दी जाएगी. हालांकि, एक छोटी सी शर्त यह है कि भारतीय ग्राहकों को सर्विस देने के लिए उन्हें भारत में रजिस्टर्ड कंपनी के जरिए ही काम करना होगा. सरकार के इस कदम से भारत को ग्लोबल क्लाउड हब बनाने का रास्ता साफ हो गया है.

खनिजों के लिए खास गलियारा

सिर्फ सॉफ्टवेयर ही नहीं, सरकार हार्डवेयर पर भी पूरा ध्यान दे रही है. तमिलनाडु, केरल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' बनाने का फैसला लिया गया है. यहां जमीन से निकलने वाले खास खनिजों की खुदाई और उन पर रिसर्च का काम होगा. यह कदम मोबाइल, लैपटॉप और एआई से जुड़ी मशीनों को भारत में ही बनाने के लिए बहुत जरूरी है.

गूगल का बड़ा निवेश

टेक जगत की दिग्गज कंपनी गूगल ने भी भारत पर भरोसा जताया है. गूगल आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में अगले 5 सालों में 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी. यहां 1 गीगावाट की क्षमता वाला डेटा सेंटर बनेगा, जो अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा एआई केंद्र होगा. सरकार की मदद, टैक्स में छूट और बड़ी कंपनियों के निवेश से यह साफ है कि भारत अब एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग की दुनिया में सुपरपावर बनने की राह पर है. यह बदलाव न केवल तकनीक लाएगा, बल्कि नए भारत के लिए कमाई और तरक्की के नए रास्ते भी खोलेगा.

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