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विंटर सेशन Photograph: (ANI)
लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमिटी ने रविवार को होने वाले विंटर सेशन के लिए विधायी कामकाज का पूरा खाका तैयार कर दिया. यह सेशन 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा और इसमें सरकार द्वारा कुल 13 अहम बिल पेश किए जाने हैं. इनमें से कई प्रस्ताव ऐसे हैं जिनकी गहन जांच स्टैंडिंग कमिटी में नहीं हुई है, लेकिन सरकार उन्हें सीधे सदन में लाने की तैयारी में है. इस बैठक में ruling और opposition दोनों दलों के सदस्य मौजूद रहे.
एक्साइज और ग्रांट्स पर निश्चित हुआ चर्चा का समय
कमिटी ने मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) बिल और सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल पर तीन-तीन घंटे की चर्चा निर्धारित की है. इसी तरह सप्लीमेंट्री डिमांड फॉर ग्रांट्स पर भी तीन घंटे का समय तय किया गया है. वहीं इस हफ्ते पेश होने वाला हेल्थ सेस बिल इस सेशन का सबसे लंबी बहस वाला विधेयक हो सकता है, क्योंकि इसके लिए छह घंटे का समय आवंटित किया गया है. इस बिल के जरिए स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने की योजना है.
‘वंदे मातरम’ मुद्दे पर 10 घंटे की बहस का प्रस्ताव
सरकार ने ‘वंदे मातरम’ मुद्दे पर विस्तृत बहस का सुझाव दिया है और इसके लिए 10 घंटे तय करने का प्रस्ताव BAC के सामने रखा गया है. यह मामला हाल के हफ्तों में राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र रहा है, इसलिए उम्मीद है कि सदन में इस पर जोरदार बहस होगी. हालांकि अंतिम निर्णय लोकसभा स्पीकर लेंगे कि इस मुद्दे पर कितनी अवधि में क्या चर्चा होगी.
प्रदूषण और किसानों के मुद्दे
बैठक के दौरान विपक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि सदन को केवल विधेयकों पर ही नहीं बल्कि कई तात्कालिक राष्ट्रीय मुद्दों पर भी गंभीर बहस करनी चाहिए. विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR), लाल किले धमाके के बाद बढ़ते सुरक्षा चिंताओं, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण, नए लेबर कोड और किसानों की समस्याओं पर लंबी चर्चा होनी चाहिए. विपक्ष का कहना है कि BAC को इन विषयों को भी उतनी ही प्राथमिकता देनी चाहिए जितनी विधायी प्रस्तावों को दी जा रही है.
सेशन से पहले PM मोदी करेंगे मीडिया को संबोधित
1 दिसंबर को संसद के सत्र की शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को संबोधित करेंगे. उनका यह संबोधन सुबह 10 बजे संसद भवन के हंस द्वार पर होगा. हर सत्र से पहले PM द्वारा मीडिया को संबोधित करना एक महत्वपूर्ण परंपरा रही है, जिसमें सरकार अपने कामकाज और सेशन के मुख्य एजेंडे की झलक देती है.
सर्वदलीय बैठक में साझा हुआ सेशन का एजेंडा
रविवार को सरकार ने विंटर सेशन से पहले सर्वदलीय बैठक भी बुलाई. बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई जिसमें सरकार ने विपक्ष को उन विधायी प्रस्तावों की जानकारी दी जिन्हें राष्ट्रपति की सिफारिश के बाद इस सेशन में पेश किया जाएगा. राष्ट्रपति ने हेल्थ सिक्योरिटी एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025, मणिपुर GST (सेकंड अमेंडमेंट) बिल 2025 और सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 को संविधान के प्रावधानों के तहत पेश करने की मंजूरी दे दी है. इनकी वित्तीय प्रकृति को देखते हुए इन्हें अनुच्छेद 117, 274 और 207 के तहत आगे बढ़ाया जाएगा.
सेशन में कई बड़े विधेयक आने की तैयारी
उम्मीद है कि विंटर सेशन में जन विश्वास (अमेंडमेंट) बिल 2025, दिवाला और दिवालियापन संहिता (अमेंडमेंट) बिल 2025, रिपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल 2025, नेशनल हाईवे अमेंडमेंट बिल, एटॉमिक एनर्जी बिल, कॉरपोरेट लॉ अमेंडमेंट बिल, सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल, इंश्योरेंस लॉ अमेंडमेंट बिल, आर्बिट्रेशन अमेंडमेंट बिल और हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी चर्चा के लिए पेश किए जा सकते हैं. ये सभी बिल प्रशासनिक, आर्थिक और सुरक्षा सुधारों को व्यापक रूप से प्रभावित करेंगे.
वित्तीय मोर्चे पर भी रहेगा व्यस्त सत्र
सत्र के दौरान 2025–26 के सप्लीमेंट्री डिमांड फॉर ग्रांट्स जारी किए जाएंगे, जिन पर चर्चा और मतदान होगा. इनके साथ एप्रोप्रिएशन बिल को पारित करना भी आवश्यक होगा. वित्तीय मामलों को देखते हुए यह सत्र काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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