NHAI ने रचा इतिहास! 156 किमी लंबी सड़क बनाकर तोड़ा अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड, आखिर कैसे मुमकिन हुआ ये कारनामा?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट पेविंग में दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया. बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा कॉरिडोर पर 156 लेन-किलोमीटर कार्य कर भारत ने वैश्विक मानक स्थापित किए.

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट पेविंग में दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया. बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा कॉरिडोर पर 156 लेन-किलोमीटर कार्य कर भारत ने वैश्विक मानक स्थापित किए.

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Ravi Prashant
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एनएचएआई वर्ल्ड रिकॉर्ड Photograph: (X/@nitin_gadkari)

भारत के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ गया है. National Highways Authority of India (NHAI) ने निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट पेविंग में दो और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं. इस दौरान कुल 156 लेन-किलोमीटर की रिकॉर्ड पेविंग और 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट का कार्य लगातार पूरा किया गया. यह उपलब्धि पहले के 84.4 लेन-किलोमीटर के वैश्विक रिकॉर्ड से कहीं आगे है.

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कहां और कैसे बना रिकॉर्ड? 

यह ऐतिहासिक कार्य बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा 6 लेन आर्थिक कॉरिडोर के पैकेज-2 और पैकेज-3 में, आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी के निकट पूरा किया गया. परियोजना में आधुनिक पेविंग मशीनरी, निर्बाध सामग्री आपूर्ति, और कड़े गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया. कार्य की हर अवस्था पर तकनीकी निगरानी रखी गई ताकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित हो सके.

IIT Bombay की भूमिका 

इस रिकॉर्ड को संभव बनाने में अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका भी अहम रही. विशेष रूप से Indian Institute of Technology Bombay ने तकनीकी मार्गदर्शन और गुणवत्ता मूल्यांकन में सहयोग दिया. उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों और वैज्ञानिक परीक्षणों के कारण निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों में उत्कृष्टता हासिल हुई.

पहले भी बना चुका है रिकॉर्ड

गौरतलब है कि इससे पहले 6 जनवरी 2026 को भी NHAI ने इसी आर्थिक कॉरिडोर पर 24 घंटे के भीतर 28.8 लेन-किलोमीटर सड़क और 10,655 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाकर दो वैश्विक रिकॉर्ड बनाए थे. लगातार रिकॉर्ड बनना इस बात का प्रमाण है कि भारत बड़े पैमाने की अवसंरचना परियोजनाओं को तेज़ी और गुणवत्ता के साथ पूरा करने में सक्षम है.

नेतृत्व और भारत की वैश्विक छवि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का अवसंरचना क्षेत्र अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है. NHAI की यह उपलब्धि न केवल इंजीनियरिंग कौशल का प्रदर्शन है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब विश्वस्तरीय हाईवे निर्माण में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है. यह कीर्तिमान आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक गति और कनेक्टिविटी को और मजबूत आधार प्रदान करेगा.

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